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2014 से 2018 अक्टूबर तक 13 बड़े रेल हादसे, 200 से ज्यादा यात्रियों की मौत

 

लखनऊ, 10 अक्टूबर (हि.स.)। रायबरेली रेल हादसा यह कोई पहली घटना नहीं हैं। रेलवे प्रशासन की घोर लापरवाही लगातार ही दिखती रहती है। छोटी-छोटी घटनाओं को अगर नजरअंदाज कर दिया जाय तो चार साल के भीतर उत्तर प्रदेश में करीब 13 बड़ी रेल दुघटनाएं हुई। इनमें सबसे बड़ी घटना कानपुर देहात के पुखराया में हुआ था। बेपटरी हुई इंदौर-पटना एक्सप्रेस ट्रेन हादसे में 150 यात्री मारे गए तथा 300 से ज्यादा सवारियां गंभीर रुप घायल हुई थी। इस हादसे के पीछे आतंकी साजिश की जांच भी जारी है।
उत्तर प्रदेश में रेल हादसे की घटनाएं लगातार ही होती रही हैं। इसी के चलते पूर्व रेल मंत्री सुरेश प्रभू ने इस पद से इस्तीफा दे दिया था। प्रभू के इस्तीफें के बाद रेलमंत्री बनाए गये पियूष गोयल ने एक बयान में कहा था कि रेल दुर्घटनाओं को रोकने के लिए रेलवे के अधिकारी पटरियों को व्यवस्थित रखें। निरंतर उनकी जांच हो। ट्रेन को भले ही धीरे चलाये, लेकिन हादसे नहीं होना चहिये। इसके बावजूद उत्तर प्रदेश में कई रेल हादसे हुए। इसमें रेलवे विभाग की घोर लापरवाही है कि वे अपने मंत्री के भी आदेश का पालन नहीं करते हैं और लगातार हो रही ऐसी रेल हादसों में आम जनता अपनी जान गवा रही हैं। उत्तर प्रदेश में सन 2014 से 2018 इन चार वर्षां में करीब 13 से रेल दुर्घटनाएं हुई हैं। इन हादसों में अब तब 250 से ज्यादा यात्रियों की मौत, पांच सौ से ज्यादा लोग घायल होने की जानकारी है। 

चार वर्षां में बड़े रेल हादसे

26 मई 2014 को संत कबीरनगर में गोरखधाम ऐक्सप्रेस ट्रेन की टक्कर सामने खड़ी एक मालगाड़ी ट्रेन से हो गयी थी। इस हादसे में भी 12 से अधिक यात्रियों की मौत हो गई थी। जबकि 100 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। 
20 मार्च 2015 को रायबरेली के बछरावा के पास जनता एक्सप्रेस (14266) के कई डिब्बे पटरी से उतर गए थे। इस रेल हादसे में लगभग 32 यात्रियों ने अपनी जान गवांयी थी। इसके अलावा 100 से भी ज्यादा लोग घायल हुए थे। 
प्रदेश में रेल दुर्घटनाओं की बात करें तो सबसे पहले कानपुर देहात के पुखराया रेल हादसा याद आता है। 20 नवम्बर 2016 को करीब भोर प्रहर करीब पौने चार बजे इंदौर-पटना एक्सप्रेस ट्रेन पटरी से उतर गई। इस हादसे में 150 यात्रियों की मौत हुई थी। जबकि 300 से गंभीर रुप से घायल यात्रियों को कानपुर देहात, कानपुर नगर के अस्पतालों में भर्ती कराया गया था। यहां का वह मंजर था कि देखने वालों की रुहं कांप उठी थी। जांच में कई साक्ष्य ऐसे लगे, जो आतंकी साजिश लगी और आज भी इसकी जांच चल रही है। 
28 दिसम्बर 2016 कानपुर देहात के रुरा रेलवे स्टेशन के पास सियालदह-अजमेर एक्सप्रेस पटरी से उतर गई थी। हादसे में 120 यात्री गंभीर रुप से घायल हुए थे। 
30 मार्च 2017 को महोबा में महाकौशल एक्सप्रेस पटरी से उतरी थी। इस रेल दुर्घटना में 50 से ज्यादा यात्री गंभीर रुप से घायल हुए थे। 
15 अप्रैल 2017 को रामपुर के पास रेलवे स्टेशन पर मेरठ-लखनऊ राज्यरानी एक्सप्रेस के आठ डिब्बे पटरी से उतर गए थे। इस ट्रेन हादसे में करीब 10 लोग घायल हुए थे। 
19 अगस्त 2017 को जनपद मुजफ्फरनगर के खतौली में पुरी उत्कल एक्सप्रेस (18477) डीरेल हो गई थी। इस हादसे में 13 बोगिया एक-दूसरे पर चढ़ गई थी। इसमें 23 सवारियों की मौत हो गई थी। वहीं, 150 से ज्यादा लोग गंभीर रुप से घायल हो हुए थे। 
23 अगस्त 2017 को औरेया जिले में एक रेल हादसा हुआ था। आजमगढ़ से दिल्ली आ रही कैफियत एक्सप्रेस (12225) औरैया के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। मानव रहित फाटक पर देर रात ट्रेन एक डंपर से टकरा गई और इंजन समेत 10 डिब्बे पटरी से उतर गए। इस हादसे में 21 लोग घायल हुए थे।
06 सितम्बर 2017 की देर रात सोनभद्र जिले के ओबरा के पास छपराकुंड स्टेशन के पास रेल हादसा हो गया। हावड़ा-जबलपुर शक्तिपुंज एक्सप्रेस ट्रेन बेपटरी हो गई। जांच में ट्रेन के सात डिब्बे पटरी से उतरने की बात सामने आयी थी। इस हादसे में कई लोग घायल हो गए। 
नवम्बर 2017 को चित्रकूट जिले के मानिकपुर के पास वॉस्कोडिगामा एक्सप्रेस (12471) ट्रेन के 13 डिब्बे बेपटरी हो गये थे। इस ट्रेन हादसे में तीन लोगों की मौत हुई थी। जबकि 50 से भी ज्यादा लोग गंभीर रुप से घायल हो गए थे। 
अप्रैल 2018 में कुशीनगर जिले में एक दर्दनाक रेल हादसा हुआ था। इसमें हालांकि रेल नहीं पलटी थी। लेकिन मानव रहित क्रांसिग को पार करने के दौरान एक स्कूली वैन ट्रेन से टकरा गई थी। इस हादसे में 13 स्कूली बच्चों की मौत हो गई। इस हादसे ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया था। 
13 मई 2018 की रात पटना कोटा एक्सप्रेस (13237) फैजाबाद के रास्ते से लखनऊ आ रही थी। वह बाराबंकी के पटरंगा रेलवे स्टेशन के निकट पहुंची कि बेपटरी हो गई। ट्रेन दरियाबाद स्टेशन के पास आंधी के कारण एक शीशम का पेड़ अचानक इंजन पर आकर गिर गया था। इसके चलते इंजन के दो पहिए ट्रैक से उतर गए। 
10 अक्टूबर 2018 को बुधवार की सुबह पौन पांच बजे करीब रायबरेली के हरचंदपुर स्टेशन के पास न्यू फरक्का एक्सप्रेस की इंजन समेत आठ बोगियां बेपटरी हो गई। अब तक इस हादसे में आठ लोगों की मौत की खबर है, जबकि 35 यात्री गंभीर रुप से घायल हैं।

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