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महराजगंज, 31 मार्च (हि.स.)। लॉक डाउन में भारत-नेपाल बार्डर पहुंचे 370 नेपाली नागरिक फंस गए हैं। भारत की सीमा पार कर नो-मेन्सलैंड में फंसे इन नागरिकों को अभी अपने देश मे प्रवेश की अनुमति नहीं मिल सकी है। आधी रात के वक्त अपने देश की धरती लार पैर रखने को बेताब नेपाली नागरिकों पर उनके ही देश की पुलिस ने जमकर लाठियां चटकाईं। 

बताया जा रहा है कि इनके लिए भारतीय प्रशासन ने उनके खाने का प्रबंध किया और राशन भिजवाया। इसके बाद नेपाली नागरिकों ने नो मैन्‍सलैंड में ही धरना शुरू कर दिया। नेपाल प्रशासन के निर्णय लिए जाने के बाद ही वे अपने देश जा सकेंगे। बताया जा रहा है कि रात में ही महराजगंज के डीएम-एसपी और अन्‍य वरिष्‍ठ अधिकारियों ने सीमा का पर हालात का जायजा लिया था।

भारत-नेपाल सीमा सोनौली के नो मैन्‍सलैंड पर सोमवार की देर रात जमकर हंगामा हुआ। दिल्ली से आकर सोनौली में फंसे 370 नेपाली नागरिकों ने देर रात खाना खाने के बाद संगठित होकर नेपाल में घुसने की कोशिश की। नेपाली सशस्त्र बल के जवानों ने उन्हें रोका। लेकिन जब वे बात नहीं माने तो लाठी चार्ज कर दिया। इससे नाराज नेपाली नागरकों नो मेंसलैंड में ही धरना शुरू कर दिया और नेपाली प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।

यह है घटनाक्रम
लॉकडाउन के बाद दिल्ली से रोडवेज की बसों से 370 नेपाली नागरिक सोनौली आए थे। सोमवार को वे सोनौली रोडवेज परिसर में रहे। प्रशासनिक टीम इनकी निगरानी में रही। शाम को उन्हें भोजन कराया गया। रात साढ़े नौ बजे के बाद अचानक सभी संगठित होकर नेपाल की ओर बढ़ चले। सोनौली के इंडिया के गेट को पार कर नो मैन्‍सलैंड से आगे बढ़े और अपने देश मे दाखिल होने की कोशिश करने लगे। इस दौरान नेपाल के सशस्त्र बल जवानों ने उन्हें रोका। उनसे कहा गया कि अफसर ऊपर बात कर रहे हैं। अनुमति मिलने के बाद उन्हें प्रवेश दिया जाएगा, लेकिन वे नहीं रुके। फिर सशस्त्र बल जवानों ने लाठीचार्ज कर दिया। इसके बाद नाराज नेपाली नागरिक, नेपाल प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे और नो मैन्‍सलैंड में ही धरने पर बैठ गए। उनका कहना रहा कि अब वे भारत में नहीं लौटेंगे।  

बोले जिम्मेदार
नेपाल के बेलहिया इंस्पेक्टर ईश्वरी अधिकारी ने कहा कि लोग रोकने के बाद भी जबरन प्रवेश कर रहे थे। उन्हें बल प्रयोग कर रोका गया। जबकि नौतनवां क्षेत्राधिकारी राजू कुमार साव का कहना है कि सोनौली में 370 नेपाली नागरिक दिल्ली से आकर रुके थे। नेपाली प्रशासन से उनके संबंध में संपर्क किया गया था। उनके रहने-खाने का इंतजाम किया गया था। लेकिन सोमवार की रात खाना खाने के बाद वे सभी संगठित होकर नेपाल जाने की कोशिश करने लगे। इस समय वे नो मैन्‍स लैंड पर हैं। पूरी स्थिति पर नजर है।
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