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दुर्ग 11 अगस्त (हि. स.) । भिलाई शहर के नागरिकों की वर्तमान और भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए बनाये जा रहे 66 एमएलडी जल शुद्धिकरण प्लांट का काम पूरा हो चुका है। इस प्लांट के माध्यम से 46 हजार लोगों तक शुद्ध जल पहुंच सकेगा। इसके लिए बनाये गए 9 ओवरहेड टैंकों में पानी सप्लाई कर इसकी टेस्टिंग कर ली गई है। अमृत मिशन के अंतर्गत बने इस प्लांट और मोरिद में इसी तरह छह एमएलडी प्लांट की समेकित लागत 17 करोड़ 64 लाख रुपए है। इस प्लांट में पानी की गुणवत्ता के बुनियादी मानदंडों जैसे पीएच लेवल, बैक्टीरिया संबंधी टेस्ट और टर्बिडिटी की टेस्टिंग होती है। चूंकि दुर्ग जिले में देश का सर्वोत्तम वाटर टेस्टिंग लैब भी है अतएव इसके माध्यम से भी पानी की गुणवत्ता की जांच के लिए पीएचई विभाग के पास भेजा गया है। 


नगर निगम कमिश्नर ऋतुराज रघुवंशी ने बताया कि अमृत मिशन के अंतर्गत बने इन प्लांट से शुद्ध जल तो मुहैया होगा ही, भविष्य की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए भी यह प्लांट पेयजल आपूर्ति के लिए कारगर होंगे। 66 एमएलडी प्लांट में अमृत मिशन के अनुसार वर्ष 2048 तक के लक्ष्य को लेकर पेयजल आपूर्ति की योजना बनाई गई है। इसके अंतर्गत घरों तक पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है। प्लांट बनाने वाली कंपनी अगले पांच साल तक आपरेशन और मेंटेंनेंस की व्यवस्था भी देखेगी। कलेक्टर डाॅ. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने भी विगत दिनों प्लांट का निरीक्षण किया था। ओवरहेड टैंकों की तकनीकी गुणवत्ता की जांच के लिए टेस्टिंग भी कराई जा चुकी है और ये टेस्टिंग में खरे पाए गए हैं। यहां टेस्टिंग की टीम हर दिन पानी की गुणवत्ता के मुताबिक एलम मिलाने एवं अन्य केमिकल ट्रीटमेंट करने का निर्णय लेती है। मोरिद के प्लांट की टेस्टिंग भी 31 अगस्त तक समाप्त हो जाएगी। यहां से रिसाली नगर निगम के डूंडेरा तथा पुरैना में शुद्ध पेयजल आपूर्ति हो पाएगी।


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