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वरंगल (तेलंगाना), 22 मई (हि.स.)। वरंगल जिले में गीसुगोंडा मंडल के गोर्टेकुंटा इंडस्ट्रियल एरिया में एक कुएं से नौ शव मिले हैं। मृतकों की पहचान कर ली गयी है और यह सभी प्रवासी मजदूर पश्चिम बंगाल और बिहार के हैं। मृतकों में एक ही परिवार के छह लोग हैं। इनमें दो महिलाएं और एक तीन साल का बच्चा भी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है लेकिन मौत का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गये हैं। पुलिस हत्या और आत्महत्या दोनों एंगल से जांच कर रही है।

जिले के गोर्टेकुंटा इंडस्ट्रियल एरिया में एक टाट की बोरी के गोदाम में कुछ प्रवासी मजदूर रहते थे। इनमें मकसूद अपने दो बेटों और विवाहिता पुत्री व पत्नी के साथ रहता था। पुत्री के तीन साल का एक बेटा भी था। इसके अलावा कुछ और प्रवासी मजदूर भी रहते थे। गुरुवार की दोपहर जब गोदाम का मालिक वहां पहुंचा तो यह लोग गायब मिले। गोदाम मालिक ने पुलिस को इन सभी के गुमशुदा होने की जानकारी दी। पुलिस ने कल शाम मौके पर पहुंच कर निरीक्षण किया। इसी दौरान पुलिस ने कुएं में शव देखे। कल शाम को पुलिस ने कुएं से चार लोगों के शव निकाले। शुक्रवार को पुलिस ने फिर कुएं में तलाशी अभियान चलाया तो आज पांच शव और निकले। 

पुलिस के मुताबिक 9 मृतकों में छह एक ही परिवार के हैं। इनकी पहचान मकसूद (50), उसकी पत्नी निशा (45), बेटी बुशरा (20) बुशरा का बेटा (3), मकसूद के दो बेटे शाहबाद (22) सोहेल (20) के रूप में की गई। यह सभी पश्चिम बंगाल के हैं। इसके अलावा तीन शवों की पहचान श्रीराम (20), श्याम (22) और शकील (21) के रूप में हुई है। यह तीनों बिहार के बताये जा रहे हैं। यह तीनों अभी कुछ माह पूर्व ही यहां काम करने पहुंचे थे। पुलिस ने सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए सरकारी एमजीएम अस्पताल भेज दिया गया। पुलिस अभी और शव होने की आशंका के चलते कुएं में पंप लगाकर पानी निकाल रही है और मौके पर डॉग स्क्वायड भी बुलाया है।

कुएं से नौ लोगों के शव मिलने की सूचना पर वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर पहुंच गये और लोगों से पूछताछ की। इसी बीच वरंगल के पुलिस आयुक्त मौके पर पहुंचे और घटना के कारणों को जानने की कोशिश की। पुलिस आयुक्त रविंद्र ने बताया कि पुलिस ने अभी संदेहास्पद परिस्थियों में मौत का मामला दर्ज कर लिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के पश्चात ही पता चलेगा कि इनकी मौत खुदकुशी से हुई है या इनकी हत्या की गयी है। 

पुलिस ने बताया कि मकसूद 20 साल पहले पश्चिम बंगाल से वरंगल अपने परिवार समेत आया था और यहां के टाट की बोरियों के एक गोदाम में काम करता था। मालिक ने गोदाम में रहने के लिये दो कमरे दिए थे। मकसूद की बेटी भी तलाक होने के पश्चात अपने एक बेटे के साथ पिता के साथ रहती थी। इनके पड़ोस में बिहार के युवक श्रीराम और श्याम भी रहते थे। पुलिस फिलहाल इसे लाॅकडाउन के मध्य आर्थिक तंगी से परेशान होकर आत्महत्या का भी मामला मान रही है।
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