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लीड) अवैध खनन: आईएएस बी. चंद्रकला समेत 14 ठिकानों पर सीबीआई छापा, अखिलेश और गायत्री भी रडार पर

 

नई दिल्ली, 05 जनवरी (हि.स.)। उत्तर प्रदेश में अवैध खनन मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की टीमों ने आज दिल्ली और उत्तर प्रदेश में कुल 14 ठिकानों पर छापेमारी की है। जिनके ठिकानों पर छापेमारी की गई, उनमें बहुचर्चित आईएएस अफसर बी. चंद्रकला भी हैं। अवैध खनन की जांच पड़ताल के लपेटे में सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री एवं सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव भी आ सकते हैं, क्योंकि यह मामला उस दौर का है जब उत्तर प्रदेश के खनन मंत्री की जिम्मेदारी भी अखिलेश यादव के पास ही थी। इसलिए सीबीआई उनकी भूमिका की जांच भी करेगी। सूत्रों का कहना है कि इस मामले में पूर्व खनन मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति से भी पूछताछ हो सकती है। 
सीबीआई के अनुसार एजेंसी इससे पूर्व इस मामले में सात प्रारंभिक जांच (पीई) की कार्यवाही आरंभ की थी। हालांकि यह कार्यवाही एजेंसी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के निर्देश पर शुरू की थी। बाद में इस मामले में प्राथमिकी भी दर्ज की गई। सीबीआई के प्रवक्ता अभिषेक दयाल के मुताबिक इस मामले में आज लखनऊ, नोएडा, दिल्ली, कानपुर व जालौन के कुल 14 ठिकानों पर छापेमारी की गई है। 
एजेंसी ने इस बाबत 11 सरकारी कर्मियों व कई निजी लोगों के खिलाफ साल 2012 से 2016 के बीच मामले दर्ज किये थे। उल्लेखनीय है कि एनजीटी ने उत्तर प्रदेश में कुछ समय के लिए खनन प्रतिबंधित किया था, इसके बावजूद खनन को जारी रखा गया। इसके बदले में रकम की उगाही की गई। इसी मामले को लेकर सात जिलों में सीबीआई की तफ्तीश चल रही थी। 
सीबीआई के मुताबिक खनन के लिए 31 मई, 2012 को एक टेंडर हुआ था जो ई-टेंडर के मार्फत नहीं किया गया था। लिहाजा हाईकोर्ट ने मामले का संज्ञान लेते हुए सीबीआई को जांच करने के निर्देश दिया था। आज की कार्रवाई के दौरान सीबीआई को नोएडा व लखनऊ में आरोपितों के यहां दो लॉकर उपलब्ध होने की भी जानकारी मिली है। 
इन मामलों के दो अभियुक्तों के नाम आईएएस अधिकारी बी. चन्द्रकला (हमीरपुर की तत्कालीन जिलाधिकारी) और माइनिंग लीज होल्डर आदिल खान है। साथ ही अन्य अभियुक्तों में जियोलाजिस्ट, मोइनुद्दीन के लखनऊ वाले आवास से छापेमारी के दौरान 12 लाख रुपये और 1.8 किलोग्राम सोना बरामद हुआ है। इन अभियुक्तों की सूची में शामिल रमेश कुमार मिश्रा उत्तर प्रदेश विधान परिषद में समाजवादी पार्टी से एमएलसी हैं और उनके भाई दिनेश कुमार मिश्रा हैं। इन दोनों के यहां भी छापेमारी हुई है। अभियुक्त रामाश्रय प्रजापति खनन विभाग में क्लर्क है। हमीरपुर निवासी अम्बिका तिवारी एमएलसी की परिचित हैं। साथ ही अभियुक्त संजय दीक्षित बीएसपी से एक चुनाव लड़कर हार चुके हैं। इनके पिता पिता सत्यदेव दीक्षित के यहां भी छापेमारी हुई है। हालांकि मामले में संजय की पत्नी का नाम नहीं है लेकिन उनके यहां भी लखनऊ में छापेमारी हुई है। अभियुक्त रामावतार सिंह खनन विभाग के सीनियर क्लर्क के तौर पर सेवानिवृत्त हो चुके हैं। वह जालौन के रहने वाले हैं और बसपा नेता हैं। इनके घर से दो करोड़ की नकदी और दो किलोग्राम सोना मिला है। अभियुक्त करण सिंह के यहां भी छापेमारी हुई है। इनका सम्बन्ध रामावतार सिंह से है ।

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