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सार

चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कहा है कि चीन कोरोना वायरस की उत्पत्ति की जांच के लिए अंतरराष्ट्रीय सहयोग देने के लिए तैयार है लेकिन ऐसी कोई भी जांच पूरी तरह राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्त होनी चाहिए। वांग ने अमेरिकी राजनेताओं पर वायरस की उत्पत्ति के बारे में अफवाहें फैलाने का आरोप लगाया और चीन की निंदा करने की आलोचना की। 

विस्तार

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और विदेश मंत्री माइक पोम्पियो दोनों ही चीन पर कोरोना वायरस से संबंधित जानकारियां छिपाने का आरोप लगा चुके हैं। दोनों ही लगातार इस बात को दोहरा रहे हैं कि यह वायरस चीन की एक प्रयोगशाला से ही निकला है। वहीं, इस संबंध में अधिकतर वैज्ञानिकों का मानना है कि यह वायरस जानवरों से इंसान में आया है। 


चीन के सालाना संसद सत्र के बाद एक प्रेस वार्ता में वांग ने कहा, 'चीन जांच के लिए तैयार है लेकिन हम यह मानते हैं कि यह जांच पेशेवर, निष्पक्ष और रचनात्मक होनी चाहिए। निष्पक्षता का मतलब यह है कि यह प्रक्रिया पूरी तरह से राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्त हो, सभी देशों की संप्रभुता का पालन किया जाए।' बता दें कि अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया समेत दुनिया के करीब 100 देशों ने हाल ही में वैश्विक महामारी की उत्पत्ति की स्वतंत्र जांच की मांग उठाई थी।

'वायरस को लेकर चीन के खिलाफ मुकदमा गैरकानूनी'

वांग ने कहा कि कोविड-19 को लेकर चीन के खिलाफ कोई भी मुकदमा तथ्यहीन आधार वाला होगा। चीन भी अन्य देशों की तरह इस वैश्विक महामारी का शिकार हुआ है और उसने अन्य जरूरतमंद सरकारों की सहायता भी की है। वांग ने कहा कि तथ्यों से अनजान कुछ अमेरिकी नेताओं ने चीन के खिलाफ बहुत झूठ गढ़े हैं और कई सारी साजिशें रची हैं। 

उन्होंने कहा कि इस तरह के मुकदमे अंतरराष्ट्रीय कानून की कसौटी पर खरे नहीं उतरेंगे और ये मानवीय विवेक से परे होंगे। यह असत्य, गैरन्यायसंगत और गैरकानूनी है। चीन के खिलाफ इस तरह के मामले जो लोग लाएंगे, वे दिन में ही सपने देख रहे हैं और ऐसा करके वह खुद को अपमानित करेंगे। 


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