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वाराणसी, 06 अगस्त (हि.स.) । वाराणसी में लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमण और अस्पतालों में मरीजों के साथ हो रही लापरवाही को लेकर कांग्रेस ने चिंता जताई है। पार्टी के स्थानीय पदाधिकारियों ने प्रदेश शासन और जिला प्रशासन से प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।

इंगलिशिया लाइन स्थित पार्टी कार्यालय में गुरूवार को पंडित कमलापति त्रिपाठी फाउंडेशन की ओर से आयोजित विचार मंथन की श्रृंखला में वक्ताओं ने कहा कि कोविड अस्पतालों की दुर्व्यवहार का जो चित्र उभर कर सामने आ रहा है, वह रोंगटे खड़े कर देने वाला है। मृत मरीजों के परिजनों के अनुभव से तो ऐसा प्रतीत होता है कि अस्पताल उपचार का केंद्र न होकर यातना और शोषण का केंद्र बन कर रह गए हैं।

गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए प्रदेश कांग्रेस  के उपाध्यक्ष विजय शंकर पान्डेय ने कहा कि कोविड मरीजों की बेतहाशा बढ़ती संख्या को देखते हुए चिकित्सालयों की संख्या को बढ़ाने और उनकी गुणवत्ता में सुधार की जरूरत है। 

अन्य वक्ताओं ने मांग किया कि शासन प्रशासन के दिशा निर्देशों का समुचित पालन करने वाले लोगों को बेवजह परेशान न किया जाए। कोरोना संक्रमित मरीजों के उपचार के साथ सभी चिकित्सा केंद्रों पर टीवी स्क्रीन और सीसीटीवी कैमरा लगाया जाए,  मरीजों को अपने परिजनों से मोबाइल पर बात करने की छूट दी जाए। मरीज के डिस्चार्ज होने पर और मृतक व्यक्ति के परिजनों को मृत्यु प्रमाण पत्र के साथ बेडहेड टिकट उपलब्ध कराया जाए, ताकि दवाओं के नाम पर की जा रही धांधली को भी रोका जा सके। गोष्ठी में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ पत्रकारिता विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. अनिल कुमार  उपाध्याय,  सूचना का अधिकार प्रकोष्ठ के पूर्व चेयरमैन बैजनाथ सिंह , प्रमोद श्रीवास्तव,  विनोद कुमार सिंह कल्लू , छावनी परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष शैलेन्द्र  कुमार,  भूपेन्द्र प्रताप   पुनीत कुमार मिश्रा आदि शामिल रहे

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