Adv
adv Ftr

एनएमसी बिल के विरोध में डाॅक्टरों की हड़ताल, कामकाज ठप

 

चंडीगढ़, 28 जुलाई (हि.स.)। एनएमसी बिल पेश करने के विरोध में शनिवार को प्रदेशभर में प्राइवेट डाॅक्टर हड़ताल पर हैं। इस कारण डाॅक्टरों ने ओपीडी नहीं की और कामकाज भी पूर्ण रूप से ठप रखा। हड़ताल में कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज की एमबीबीएस छात्राओं ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया और इस बिल के विरोध में जमकर नारेबाजी की। हड़ताल का असर प्रदेशभर में दिखाई दिया।
हड़ताल के कारण प्राइवेट अस्पतालों में सन्नाटा रहा, जिससे मरीजों को काफी परेशानियों का सामना भी करना पड़ा। करनाल में शनिवार सुबह सभी डाॅक्टर एकत्रित होकर डीसी निवास पर पहुंचे और उपायुक्त डॉ आदित्य दहिया को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम ज्ञापन सौंपा। 
इस दौरान उपायुक्त डाॅ आदित्य दहिया ने डाॅक्टरों को विश्वास दिलाया कि उनका ज्ञापन प्रधानमंत्री तक पहुंचा दिया जाएगा और डॉक्टरों की आवाज और विचारों का पूरा सम्मान किया जाएगा। इस बिल के तहत डॉक्टरों के विरुद्ध साजिश रची जा रही है और इस बिल में एमबीबीएस करने वाले बच्चों को पूरे साढ़े पांच वर्ष की पढ़ाई पूरी करने पर एकमुश्त पूरी पढ़ाई का इम्तिहान पास करना होगा अन्यथा उनको एमबीबीएस की डिग्री नहीं दी जाएगी। ऐसा किसी भी क्षेत्र में जैसे इंजीनियर, आर्युवेद, आर्ट्स, कॉमर्स में नहीं होता। इसके तहत प्राइवेट मेडिकल कॉलेज की फीस बहुत ज्यादा बढ़ा दी जाएगी और ये सब मेडिकल प्रोफेशन का स्तर गिरा देगी। 

करनाल डॉक्टर एसोसिएशन के प्रधान डाॅ राकेश जिन्दल ने बताया कि इस बिल के आने से डॉक्टर अपना काम पूरी निष्ठा से नहीं कर पाएंगे। रोगियों का इलाज बहुत ज्यादा महंगा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि यह एनएमएस बिल पूरी तरह से अलोकतांत्रिक एवं असामाजिक है, जिसका सभी डॉक्टर कड़ा विरोध करते हैं।