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नई दिल्‍ली,  22 मई (हि.स.)। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं एमएसएमई मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि व्‍यापारियों को पारंपरिक कारोबार प्रणाली की जगह डिजिटल सिस्‍टम अपनाना होगा। गडकरी ने व्‍यापारियों के संगठन कन्‍फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) की 57वी वीडियो कांफ्रेंस को संबोधित करते शुक्रवार को ये बात कही। 

गडकरी ने कहा कि कोविड-19 की महामारी और लॉकडाउन के बाद देश में व्यापार करने का तौर-तरीका पूरी तरह से बदल जाएगा। उन्‍होंने कहा कि अब नवीन दृष्टि, उद्यमिता, ज्ञान और  डिजिटल प्रौद्योगिकी देश में भविष्‍य में व्यापार के चार बुनियादी स्तम्भ होंगे,  जिसके लिए भारतीय व्यापारियों को पारंपरिक व्‍यापार प्रणाली के स्थान डिजिटल प्रणाली को बहुत तेजी से अपनाना होगा।। वीडियो कांफ्रेंसिग के जरिए हुई बैठक में देश के सभी राज्यों के 100 से ज्‍यादा प्रमुख व्यापारी नेता शामिल हुए।  

गडकरी ने व्यापारियों को एमएसएमई क्षेत्र के अंतगर्त शामिल करने की बात पर उन्होंने इस मामले को सकारात्मक रूप से देखने का आश्वासन दिया। उन्‍होंने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा व्यापरियों को सहायता जरूर मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था के लिए ये ज्‍यादा महत्वपूर्ण है। क्‍योंकि, व्‍यापारिक समुदाय बेहतर व्यावसायिक संभावनाओं की खोज करते रहें और सर्वश्रेष्ठ व्यापार करने के लिए उन्नत तकनीक से युक्त हों। 

नितिन गडकरी ने व्यापारियों के अर्थव्यवस्था में योगदान की लॉकडाउन के दौरान आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति को बनाए रखने के लिए विशेष रूप से कैट के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि यह राष्ट्र के प्रति उनकी असीम भक्ति को दर्शाता है।

कोरोना की मौजूदा स्थिति के बारे में बात करते हुए गडकरी ने कहा कि देश अपनी सबसे अधिक विकट समस्या का सामना कर रहा है, जिसने अर्थव्यवस्था को काफी हद तक बर्बाद कर दिया है। वर्तमान स्थिति से उबरने के लिए बाजार में अर्थ की बेहतर तरलता का प्रवाह बहुत जरूरी है। किसानों की क्रय शक्ति बढ़ाने की जरूरत है और कृषि क्षेत्र में नई तकनीक को अपनाना समय की जरूरत है।

गडकरी ने व्यापारियों से कहा कि केंद्र सरकार ‘एग्रो एमएसएमई’ की एक नई श्रेणी बनाने की सोच रही है,  जिसमें ग्राम पंचायत स्तर पर एमएसएमई उद्योग लगेंगे और ऐसे उद्योग संबंधित गांव के विकास  में योगदान देंगे। उन्होंने ये भी कहा कि सरकार के पास राजमार्गों के दोनों ओर स्मार्ट गांव,  स्मार्ट सिटी,  औद्योगिक क्लस्टर के साथ-साथ  अन्य सुविधाएं बनाने की योजना है। 

उन्‍होंने कहा कि इस तरह की पहल से न केवल लॉजिस्टिक्स की लागत कम होगी,  बल्कि बिजली और श्रम की लागत भी निम्न स्तर पर रहेगी और एमएसएमई प्रतिस्पर्धी कीमतों पर गुणवत्ता के सामान का उत्पादन कर सकते हैं। व्यापारियों को सलाह देते हुए गडकरी ने कहा कि कोविड-19 की महामारी और लॉकडाउन के बाद व्यापार को पुन चालू करने के लिए व्यापारियों को अपने व्यवहार परिवर्तन की बहुत ही आवश्यकता है। सकारात्मकता और आत्मविश्वास के तत्वों को व्यापारियों और उद्यमियों के बीच विकसित करने की जरूरत है। उन्‍होंने कहा कि  लोगों की हताशा समाप्त होनी चाहिए और एक सामूहिक और सहयोगात्मक दृष्टिकोण के साथ हम निश्चित रूप से कोरोना की लड़ाई जीतेंगे। 

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