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गंगा के लिए सरकार गंभीर नहीं : शिवानंद

 

हरिद्वार, 30 जुलाई (हि.स.)। लगातार एनजीटी और कोर्ट की फटकार के बाद भी गंगा की दुर्दशा दिनों दिन बढ़ती जा रही है जो आने वाले समय में न केवल सबके लिए परेशानी का सबब बनने वाला है बल्कि गंगा के अस्तित्व के लिए भी एक बड़ा खतरा है। यह कहना है स्वामी शिवानंद का। उन्होंने कहा कि गंगा की स्वच्छता और अविरलता के लिए प्रोफेसर जीडी अग्रवाल पिछले 37 दिनों से आमरण अनशन कर रहे हैं लेकिन सरकार के उदासीन रवैये से लगता नहीं है कि सरकार को गंगा की अविरलता की कोई चिंता है। अनशन कर रहे स्वामी सानंद की सुध लेने के लिए न तो जिला प्रशासन गंभीर है और न ही राज्य सरकार। 
पिछले कई दशकों से गंगा की अविरलता और निर्मलता को लेकर काम कर रही संस्था मातृसदन का आरोप है की गंगा के नाम पर कई संस्थाएं और संगठन करोड़ो रूपए के वारे-न्यारे कर चुके हैं। राजनेताओं और अधिकारियों की मिली भगत से लगातार गंगा के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है। एनजीटी लगातार गंगा की स्थिति पर चिंता जाहिर कर रही है बावजूद इसके गंगा से प्रदूषण कम होने का नाम नहीं ले रहा है। इस मामले में स्वामी शिवानंद का कहना है की केंद्र सरकार अगर गंगा के लिए वाकई चिंतित है तो सरकार को प्रोफेसर जीडी अग्रवाल की मांगे मान कर गंगा के लिए एक्ट बनाना चाहिए।