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बड़ा भूकम्प आने की संभावना से नहीं किया जा सकता इन्कार

भूकम्प से बढ़ी लोगों में दहशत, झज्जर रहा केन्द्र
: भूगोल विशेषज्ञ बोले,बड़ा भूकम्प आने की संभावना से नहीं किया जा सकता इन्कार
झज्जर, 12 सितम्बर (हि.स.)। बुधवार को प्रात: 5 बजकर 43 मिनट पर एक बार फिर से आए 3.1 की तीव्रता के भूकम्प से झज्जर सहित पूरे एनसीआर में धरती कांप उठी। पिछले 60 घंटों में तीसरी बार आए भूकम्प से लोगों में दहशत बढ़ गई है और अनहोनी की आशंका से लोग चिंतित हैं। बुधवार को प्रात:काल 5 बजकर 43 मिनट पर आए भूकंप का केंद्र झज्जर रहा और भूकंप की तीव्रता रिएक्टर पैमाने पर 3.1 आंकी गई है। लोग नींद थे कि तेज आवाज के साथ धरती कांपने लगी। जिसके बाद लोग बच्चों को लेकर अफरा-तफरी में बचाव के लिए घरों से बाहर खुले स्थानों की ओर दौड़ पड़े। पिछले 60 घंटों में झज्जर सहित दिल्ली व एनसीआर में तीसरी बार भूकंप आने से लोगों में दहशत बढ़ गई है। तीनों ही दिन भूकंप का केंद्र झज्जर रहा है। ऐसे में राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली व एनसीआर क्षेत्र में बार-बार आ रहे भूकंप से लोगों की चिंता जान-माल की सुरक्षा को लेकर बढ़ गई है। बुधवार को आए भूकम्प से जानमाल के नुकसान की कोई खबर नहीं है। उल्लेखनीय है कि झज्जर में भूमिगत जल का स्तर काफी ऊपर है और कई दिनों से रूक-रूक कार होने वाली बरसात से कई क्षेत्रों में जल भराव की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में बार-बार भूकंप के झटकों से लोगों को बड़े खतरे का डर अब सताने लगा है। पहले ही राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के साथ लगते झज्जर जिले को भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील श्रेणी में माना गया है। 
यह बोले भूकम्प की जानकारी रखने वाले:
भूकंप से एनसीआर क्षेत्र के लोगों की चिंता बढ़ गई है और भूकंप के हलके झटकों को बड़े खतरे का अलार्म लोग मान रहे हैं, जिससे लोग भय के मारे दहशत में हैं। भूगोल व भूकम्प की जानकारी रखने वाले विशेषज्ञ भी बड़े भूकंप आने की संभावना से इनकार नहीं कर रहे हैं। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक के भूगोल विशेषज्ञ प्रोफेसर डॉ. एच.के. बंसल का मानना है कि झज्जर, रोहतक व सोनीपत एमवीटी की मिडल जोन में आते हैं और इस क्षेत्र में हलके भूकंप ही आते हैं। लेकिन बड़ी तीव्रता के भूकंप आने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। डॉ. बंसल ने बताया कि भूकंप जमीन के अंदर निरंतर चलने वाली क्रियाओं के कारण आते हैं, जो अक्सर होती रहती हैं। उन्होंने बताया कि चट्टानें टूट कर गिरने और एक दूसरे से टकराना भूकंप का कारण बनती हैं। डॉ. एच.के. बंसल का कहना कि प्रकृति के साथ इंसान जो छेड़छाड़ कर रहा है उसके कारण प्राकृतिक आपदाएं बढ़ रही हैं। बंसल ने बताया कि हरियाणा, पंजाब, दिल्ली व राजस्थान आदि एमवीटी की मिडिल जोन में हैं और 5 से ज्यादा तीव्रता के भूकम्प ही खतरनाक होते हैं। 

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