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गुरुग्राम के 50 आंगनबाड़ी सेंटर बदल जाएंगे प्री-स्कूल में

गुरुग्राम, 04 अक्टूबर (हि.स.)। जिला उपायुक्त ने गुरुवार को सीएसआर के तहत दो महत्वपूर्ण परियोजनाओं को लेकर एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं। उपायुक्त ने यह करार हीरो मोटो कॉर्प व पाॅवर ग्रिड कॉरपारेशन आॅफ इंडिया लिमिटेड (पीजीसीआईएल) के साथ किया है। करार होने के बाद जिला के 50 आंगनबाड़ी सेंटर अब प्री स्कूल में बदल जाएंगे। इसके अलावा, जिला लाइब्रेरी का कायापलट होगा। इन दोनों परियोजनाओं पर करोड़ों का खर्च आएगा। 
हीरो मोटो कॉर्प की तरफ से कंपनी के सीएसआर डायरेक्टर विजय सेठी ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए तथा जिला प्रशासन गुरुग्राम की तरफ से उपायुक्त विनय प्रताप सिंह द्वारा हस्ताक्षर किए गए। इसी प्रकार, दूसरे एमओयू पर पीजीसीआईएल की तरफ से कंपनी के चेयरमैन आईएस झा ने तथा प्रशासन की तरफ से उपायुक्त ने हस्ताक्षर किए और कंपनी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर एसके गुप्ता भी मौजूद रहे। 

आंगनबाड़ी सेंटरों में बच्चों को डाली जाएगी पढ़ने की आदत
हीरो मोटो कॉर्प के साथ जिला के 50 आंगनबाड़ी सेंटरों को प्री-स्कूल में परिवर्तित करने के लिए एमओयू किया गया है। जिसके तहत कंपनी द्वारा सीएसआर के अंतर्गत 3 से 5 साल के बच्चों के शारीरिक व मानसिक विकास के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर में सुधार किया जाएगा और प्रशिक्षक लगाए जाएंगे। ये प्रशिक्षक आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर काम करेंगे। इन केन्द्रों में कंपनी द्वारा बच्चों में पढ़ने में रूचि जागृत करने व उनमें पढ़ने की आदत डालने के लिए आधारभूत सामग्री मुहैया करवाई जाएगी ताकि बच्चों का सर्वांगीण विकास हो सके। 

पहले साल सवा करोड़ व दूसरे वर्ष होंगे 80 लाख खर्च
जिला उपायुक्त ने विनय प्रताप सिंह ने बताया कि आंगनबाड़ी सेंटरों का रिनोवेशन और अपग्रेडेशन का काम 4 से 5 महीने में पूरा किया जाएगा। कंपनी द्वारा इन सेंटरों की 3 साल तक देखभाल की जाएगी। पहले साल में कंपनी रेनोवेशन, पेंट करवाने तथा बच्चों के लिए खिलौने आदि उपलब्ध करवाने पर सवा करोड़ रुपये की राशि खर्च करेगी और दूसरे साल में 80 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। 

75 लाख में जिला पुस्तकालय बन जाएगा हाइटेक: उपायुक्त 
उपायुक्त विनय प्रताप सिंह ने गुरुवार को बताया कि आज दूसरा एमओयू पीजीसीआईएल के साथ किया गया, जिसके अंतर्गत कंपनी द्वारा सीएसआर के तहत शमां रेस्टोरेंट के पास स्थित जिला पुस्तकालय का 75 लाख रुपये की राशि से कायाकल्प किया जाएगा। इसे एक मार्डन लाइब्रेरी का रूप दिया जाएगा और इसमें डिजीटल कैटालाॅग होगी, जिससे कि पाठकों को किताबें ढूंढने में दिक्कत नहीं आएगी। इसमें ई-लाइब्रेरी का भी प्रावधान किया जाएगा। यह कार्य 6 महीने में पूरा होगा। इस जिला लाइब्रेरी में नई किताबें उपलब्ध करवाई जाएंगी।

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