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राजभवन के पत्रों पर संज्ञान नहीं लेता जेपीविवि प्रशासन!

 

राज्यपाल के चार पत्रों पर कुंडली मारकर बैठा, कुलपति की मनमानी से कर्मचारी त्रस्त 
छपरा , 25 अक्टूबर (हि.स.)। राज्यपाल सह कुलाधिपति ने जयप्रकाश विश्वविद्यालय के कुलपति के खिलाफ शिकायत पर संज्ञान ले लिया है| उन्होंने इस मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन को कड़ा पत्र लिखकर जवाब-तलब किया है । राज्यपाल के अपर सचिव ने जयप्रकाश विश्वविद्यालय के कुलसचिव को पत्र भेजा है और कुलपति के खिलाफ लगाये गए आरोपों के बारे में जवाब देने का निर्देश दिया है । अपर सचिव ने कहा है कि कुलपति के खिलाफ कार्यालय की मर्यादा भंग करने, विश्वविद्यालय में भय का माहौल पैदा करने, कर्मचारियों के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल करने का आरोप है। इस मामले में राजभवन में परिवाद दर्ज कर लिया गया है। इस मामले में राजभवन ने पत्रांक- 1413 दिनांक 23- 05- 2018 को जवाब मांगा था। तब जयप्रकाश विश्वविद्यालय प्रशासन ने कोई जवाब नहीं दिया था। राजभवन सचिवालय ने पुनः पत्रांक- 1824 दिनांक 10 - 07 - 2018 को पत्र भेजा और जवाब मांगा लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन ने दोबारा भी जवाब नहीं दिया। पुनः तीसरी बार पत्रांक- 1882 दिनांक 18-07- 2018 को जवाब मांगा लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन ने कोई जवाब नहीं दिया। फिर चौथा पत्र राजभवन ने पत्रांक - 2117 दिनांक 09-08-2018 को भेजा लेकिन इसका भी कोई जवाब विश्वविद्यालय प्रशासन ने नहीं दिया। अब पांचवां पत्र राजभवन ने पत्रांक 2589 दिनांक 12- 10- 2018 को भेजा है। राज्यपाल के अपर सचिव ने जयप्रकाश विश्वविद्यालय के कुलपति प्रशासन को भेजे गए पत्र में बिहार राज्य विश्वविद्यालय एवं कालेज कर्मचारी महासंघ के सचिव अभिषेक कुमार के द्वारा लगाये सभी आरोपों का जवाब मांगा है जिसमें कहा गया है कि जयप्रकाश विश्वविद्यालय के कुलपति के खिलाफ परिवाद दर्ज कराया है। दर्ज परिवाद में आरोप लगाया गया है कि कुलपति के द्वारा कार्यालय की मर्यादा को भंग किया जा रहा है| अक्सर उनके अमर्यादित आचरण, कर्मचारियों - पदाधिकारियों के साथ गाली-गलौज करने के कारण विश्वविद्यालय के कई पदाधिकारी अपने पद से त्याग पत्र दे चुके हैं। तत्कालीन कुलसचिव प्रो सैयद रजा कुलपति द्वारा अपमानित करने के कारण कुलाधिपति को अपना त्याग पत्र दे चुके हैं। आरोप है कि कुलाधिपति ने वित्तीय पदाधिकारी एवं वित्त परामर्शी को नियुक्त किया गया था, जो कुलपति के मनमाफिक काम नहीं करते थे जिसके कारण उन दोनों पदाधिकारियों पर गलत आरोप लगा दिया गया और अपने मनमाफिक वित्तीय पदाधिकारी एवं वित्त परामर्शी बहाल कर मनमाना काम किया जा रहा है। तत्कालीन वित्तीय पदाधिकारी शिवनंदन प्रसाद सिन्हा से कुलपति ने गाली-गलौज किया जिसके कारण श्री सिन्हा ने अपने पद से त्याग पत्र दे दिया| उन्होंने इसकी शिकायत कुलाधिपति सह राज्यपाल से की है। इसके अलावा रंजन कुमार, अमित प्रकाश, संतोष कुमार सिंह, संजीव गिरि समेत एक दर्जन लिपिकों के साथ कुलपति ने गाली-गलौज किया गया है और अपमानित किया जा चुका है। इसकी शिकायत लिपिकों ने कुलाधिपति सह राज्यपाल से की है। देखना दिलचस्प होगा कि राजभवन से आए पांचवें पत्र का विवि प्रशासन संज्ञान लेता है कि नहीं। इधर महासंघ ने इस मामले में कुलपति के खिलाफ प्रधानमंत्री, केन्द्रीय शिक्षा मंत्री, पटना हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश तथा मानवाधिकार आयोग से भी शिकायत की है।