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मेघालय में असम पुलिस ने तोड़ा सरकारी स्कूल

 

सीमा विवाद के चलते इलाके में तनावपूर्ण स्थिति
शिलांग, 11 अगस्त (हि.स.)। असम-मेघालय की सीमा पर मेघालय के रि-भोई जिले के खलेह उमवांग गांव के विवादित ब्लॉक नं. दो क्षेत्र में मेघालय सरकार द्वारा निर्माणाधीन प्राथमिक विद्यालय भवन को असम पुलिस द्वारा तोड़ दिए जाने की घटना को लेकर पूरे इलाके में तनाव व्याप्त हो गया है।
रिपोर्ट के अनुसार असम के वेस्ट कार्बी आंग्लांग इलाके के उल्लूकांची थाना पुलिस द्वारा शुक्रवार को दोनों ही राज्यों के विवादित क्षेत्र में स्कूल बनवा रहे ठेकेदार को थाने में बुलाया गया। उसके बाद थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस की एक टीम ने जेसीबी ले जाकर स्कूल के निर्माणाधीन भवन को तोड़ दिया। मेघालय सरकार ने इस स्कूल भवन के निर्माण के लिए 19 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं।
स्कूल भवन तोड़े जाने की सूचना तत्काल ही मेघालय सरकार के शिक्षा विभाग को दी गई। शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों ने सीमा पर पहुंचकर देखा कि स्कूल के भवन तोड़ दिए गए हैं। इसकी सूचना तत्काल ही विभिन्न स्तर पर शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों द्वारा दी गई। स्थानीय लोगों में इस विषय को लेकर तनाव व्याप्त हो गया है। खासी छात्र संघ के नेताओं ने असम पुलिस की इस कार्रवाई को बर्बरतापूर्ण बताते हुए इस प्रकार की कार्रवाई करने से बाज आने को कहा है।
असम पुलिस की इस कार्रवाई को मेघालय प्रशासन द्वारा गंभीरता से लिया गया है और इस संदर्भ में रि-भोई जिला के उपायुक्त रोसेट्टा मैरी कुरबाह ने तत्काल ही असम के कार्बी आंग्लांग जिले के जिला उपायुक्त के साथ इस संदर्भ में बात की कुरबाह ने बताया कि कार्बी आंग्लांग जिले के उपायुक्त ने इस संदर्भ में किसी भी प्रकार की जानकारी होने से इनकार किया।

उपायुक्त रोसेट्टा मैरी कुरबाह ने कहा कि दोनों ही राज्यों की सीमावर्ती जिले के जिला उपायुक्त स्तर की हाल ही में साबुदा गांव में हुई बैठक के दौरान लिए गए इस निर्णय का उल्लंघन किया गया है। जिसमें कहा गया था कि दोनों ही राज्य द्वारा विवादित क्षेत्र में किए जाने वाले विकास संबंधी कार्यों में किसी भी प्रकार की बाधा नहीं पहुंचाई जाएगी। उपायुक्त रोसेट्टा मैरी कुरबाह ने असम पुलिस की इस कार्रवाई को विश्वासघात का नाम दिया है। जिसमें मेघालय पुलिस द्वारा विवादित क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने के उद्देश्य से बनाए जा रहे प्राथमिक विद्यालय भवन को तोड़ दिया गया है।
जिला उपायुक्त रोसेट्टा मैरी कुरबाह ने जिले के पुलिस अधीक्षक से कहा है कि वे स्वयं विवादित स्थल पर जाकर स्थिति का मुआयना करें। उसके बाद इस विषय को असम सरकार के साथ उठाया जाएगा। नॉर्थ खासी हिल्स क्षेत्र के विभिन्न संगठनों ने असम पुलिस के अधिकारियों एवं सिपाहियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है जिनके द्वारा स्कूल भवन को तोड़ा गया है।
असम और मेघालय के बीच अब तक सीमा का सही निर्धारण नहीं किया जा सका है। जिस कारण दोनों ही राज्यों के बीच अक्सर विवाद पैदा हुआ करते हैं। दोनों ही राज्यों के प्रशासन द्वारा विवादित सीमा क्षेत्र में किए जाने वाले किसी भी निर्माण को तोड़ दिया जाता है। इससे सीमावर्ती इलाके के लोगों के बीच तनाव पैदा हो जाता है और स्थिति बेहद ही गंभीर हो जाती है। असम और मेघालय दोनों ही राज्यों की सरकारें अपनी-अपनी ओर से दावे करती हैं और इन दावों को आधार बनाकर आम लोग आपस में लड़ते रहते हैं। 
सीमा पर निवास करने वाले बुद्धिजीवियों का कहना है कि केंद्र सरकार को दोनों ही राज्यों के बीच के सीमा विवाद को मध्यस्थता करके सुलझा देना चाहिए ताकि इस प्रकार की स्थितियां आगे और उत्पन्न न हो सकें।