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पांच साल बाद पुलिस गिरफ्त में प्रेमिका का हत्यारा

दुर्ग 7 दिसम्बर (हि.स.) । पांच साल पूर्व वैशाली नगर में अपनी प्रेमिका की हत्या कर बाहर से ताला बंद कर फरार हो गया था और पुलिस से बचने के लिए उसने प्रयागराज में साधु का पेशा अपनाकर जगह-जगह प्रवचन कर रहा था। उसके बाद भी वह पुलिस के शिकंजे से बच नहीं पाया। पुलिस ने आखिर इस आरोपी का पता लगाकर उसे उतर प्रदेश के प्रयाग राज से प्रवचन करने के दौरान पकड़ लिया और उसे गुरुवार की देर शाम तक भिलाई ले आयी। टेक्नोलॉजी के जमाने में मोबाइल पर की गई एक गलती ने पुलिस को उस तक पहुंचा दिया। इस मामले का खुलासा गुरुवार की देर शाम को एएसपी विजय पाण्डेय ने पुलिस कंट्रोल रूम सेक्टर-6 में इस केस का खुलासा किया। 
एएसपी शहर विजय पाण्डेय ने बताया कि 18 अक्टूबर 2013 को रामनगर में एक युवती की लाश मिली थी, जिसकी पहचान कोरिया निवासी रीता साहू के रूप में हुई। मामले में पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज किया था। वहीं हत्या के आरोपी के तौर पर पुलिस ने सुशील दुबे नाम के व्यक्ति की पहचान की गई थी जिसका मृतका से प्रेम प्रसंग था। आरोपी सुशील दुबे घटना के बाद से ही फरार था। लगातार प्रयास के बाद भी आरोपी का पता नहीं चल पा रहा था। इसके बाद धीरे-धीरे मामले की जांच धीमी पड़ने लगी।
हाल ही में आईजी जीपी सिंह ने रेंज के सभी जिलों के एसपी को पेंडिग केस पर ध्यान देने कहा था। इसी दौरान एसपी संजीव शुक्ला की इस केस पर भी नजर पड़ी तो एसपी ने इस मामले की नये सिरे से जांच के आदेश करने कहा। एसपी संजीव शुक्ला ने आरोपी की मौजूद तस्वीर के स्कैच दाड़ी-मुंछ के साथ करायी और उसकी नयी तस्वीर और नयी पहचान के साथ तलाशी के निर्देश दिये थे। दरअसल हुआ ये था कि आरोपी सुशील दुबे का परिवार इलाहाबाद से था और सुशील के पिता की इलाहाबाद के साधुओं मिलना जुलना लगा रहता था। नए सिरे से जांच में पुलिस ने पहला काम यह किया कि सुशील के परिवार के पास आने वाले फोन कॉल को ट्रैकिंग पर डाल दिया। पुलिस को कॉल ट्रैकिंग के आधार पर ये जानकारी मिली की, किसी हनुमानदास महाराज के नाम से लगातार फोन कॉल आ रहे हैं। पुलिस और क्राइम ब्रांच के आधार पर इलाहाबाद में तलाश शुरू की, जल्द ही हनुमानदास महाराज नाम के साधु का पता चल गया। तलाशी के दौरान हुलिया सुशील दुबे से मिलता जुलता नजर आया। आरोपी नाम और हुलिया बदलकर जगह-जगह भागवत कराया करता था। पुलिस को पता चला की मध्य प्रदेश के रामकुंड के पास भागवत हो रहा है जहां हनुमानदास के मौजूद होने के संकेत मिले। पुलिस की टीम उसी भागवत में पहुंची और भागवत खत्म होने के बाद हनुमानदास को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया है कि उसका संबंध मृतिका रीता साहू से था और उसी ने उसकी हत्या की। आरोपी ने प्रयागराज में अपनी पहचान के सारे सबुत मिटा दिए थे और हनुमान दास के नाम से वोटर आईडी कार्ड, आधार कार्ड, पेन कार्ड आदि बनवा रखे थे।

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