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परमाणु बल संधि पर अमेरिका और रूस में ठनी

मॉस्को, 06 दिसंबर (हि.स.)। शीत युद्ध काल में अमेरिका और रूस के बीच हुई इंटरमीडिएट-रेंज परमाणु बल संधि को लेकर दोनों देशों में ठन गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान पर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन ने कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर की है।

रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका प्रतिबंधित मिसाइलों को विकसित करता है तो रूस हाथ पर हाथ रख कर इंतजार नहीं करेगा।

इससे पहले मंगलवार को अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने नाटो की एक बैठक में घोषणा की थी कि यदि रूस 60 दिनों के भीतर अपने परमाणु हथियारों को नष्ट नहीं करेगा तो अमेरिका इंटरमीडिएट-रेंज न्यूक्लियर फोर्सेज ट्रीटी (आईएनएफ) से अलग हो जाएगा।

इस पर पुतिन ने कहा, “ऐसा लगता है कि हमारे अमेरिकी सहयोगियों के लिए प्राथमिकताएं बदल गई हैं और वे चाहते हैं कि अमेरिका के पास इस प्रकार के हथियार होने चाहिए। हमारी प्रतिक्रिया क्या होगी, यह बहुत ही सरल, इस मामले में हम भी वही करेंगे।”

पोम्पियो से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कहा था कि रूस ने मध्यम दूरी की एक नई मिसाइल बनाकर इस संधि का उल्लंघन किया है, इसलिए अमेरिका इस समझौते को नहीं मानेगा।

उल्लेखनीय है कि अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन और तत्कालीन सोवियत संघ के राष्ट्रपति मिखाइल गोर्वाचोव ने मध्कोयम दूरी के परमाणु मिसाइलों को समाप्त करने के लिए 8 दिसंबर, 1987 को एक संधि की थी। इसके तहत दोनों देशों को अपनी कुछ मिसाइलों को नष्ट करके उनकी संख्या निश्चित करनी थी। बताया जाता है कि इस संधि के बाद 1991 तक करीब 2700 मिसाइलों को नष्ट किया गया था।

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