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संस्कृत से विज्ञान और गणित को जोड़ा जायेगा-मुख्यमंत्री

 

लखनऊ, 02 अगस्त (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को राजधानी स्थित विश्वेश्वरैया सभागार में मेधावी विद्यार्थी सम्मान समारोह में 18 बालिका छात्रावास, 19 राजकीय उच्च विद्यालय,16 राजकीय उच्चतर विद्यालय का लोकार्पण किया। इस मौके पर उन्होंने 40 मेधावियों को सम्मानित भी किया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि संस्कृत को आधुनिकता से जोड़ा जाना चाहिए। हम संस्कृत को कंप्यूटर,विज्ञान व गणित के साथ जोड़ेंगे । यह देव वाणी है। संस्कृत के क्षेत्र में व्यापक काम होने की जरूरत है। दुनिया इस बात को मानती है कि कम्प्यूटर की सबसे सरल भाषा संस्कृत है। यह भाषा नहीं है यह देववाणी है। संस्कृत के साथ अन्यों को जोड़ कर उन्नत प्रयास करना चाहिए। संस्कृत के माध्यम से आधुनिकता और पुरातन का एक बेहतर समन्वय जरूरी है। विगत एक वर्ष के दौरान आपने हर क्षेत्र में परिवर्तन को देखा होगा।
उन्होंने कहा कि 2001 से संस्कृत माध्यमिक परिषद का गठन होना था लेकिन मामले लंबित पड़े थे। 17 वर्ष में निर्णय नहीं हो पाया था। जो लोग शिक्षा और स्वास्थ्य पर ध्यान नहीं दे सकते हैं। प्रदेश के साथ लगातार धोखा उन लोगों ने किया है। इन लोगों ने माध्यमिक संस्कृत बोर्ड के गठन में इतना समय लगाया, उनसे विकास की उम्मीद नहीं की जा सकती, लेकिन एक वर्ष में हमने यह काम किया। भारत को समझना है तो संस्कृत के शरण में जाना होगा। भारत दुनिया का एक प्राचीन राष्ट्र है। यह हमारे पुराणों में है। भारत का स्वाभिमान जाग्रत ना हो सके इसीलिए संस्कृत विषय की उपेक्षा होती रही है। 
उन्होंने कहा कि हम अपनी परंपरा को लेकर चलें अच्छी बात है। भारत की परंपरा कभी जड़वादी नहीं रही है। जहां कहीं भी प्रगति के स्वर दिखे हमने उनको अंगीकार किया है। संस्कृत के छात्रों का ऐसा सम्मान यूपी में पहली बार हो रहा होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि विगत एक वर्ष में शिक्षा विभाग में अंतर आप ने देखे होंगे। पहले नकल के ठेके चलते थे। नकल विहीन परीक्षा पहले सिर्फ कल्पना थीं, ये हमने किया है । विद्यालयों में शिक्षकों की कमी हम नही होने देंगे। जनप्रतिनिधियों के साथ सभी को विकास के कार्यो में सहभागी होना चाहिए। संस्कृत बोर्ड की अपनी वेबसाइट होनी चाहिए ।
इस मौके पर उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि संस्कृत के पठन पाठन आसान हो इसके लिए हमारी समिति काम कर रही है। हमने 13 संस्कृत विद्यालयों को मान्यता दी है। इस सब के लिए माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा व्यवस्था पूरा किया जा रहा है। हमने संस्कृत विद्यालय के लिए रिजल्ट ऑनलाइन भी कर दिए है ।
डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि हम 40 छात्रों को सम्मानित कर रहे हैं, जो एक से तीन नंबर तक है उनको आज एक लाख रुपये और टेबलेट दिया जा रहा है । हम अपनी सरकार में सिर्फ उन ही योजनाओं का लोकर्णपर्ण करेंगे, जिनको हम समय के तहत पूरा कर सकेंगे । उन्होंने कहा कि हमारी कोशिश है कि संस्कृत में शोध का कार्य सुचारू रूप से शुरू हो सके। स्वतंत्रा के बाद आज पहली बार संस्कृत के मेधावियों का सम्मान किया जा रहा है।