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रोहतांग में फिर बर्फबारी, शिमला में बादलों का डेरा

 

शिमला, 28 सितम्बर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। रोहतांग सहित राज्य की उच्च पर्वत श्रंखलाओं पर रुक-रुक कर बर्फबारी हो रही है। लाहौल-स्पीति, किन्नौर और कुल्लु जिले की ऊंची चोटियों पर गुरुवार सुबह से हिमपात हो रहा है। मनाली से 40 किलोमीटर दूर साची नामक स्थान पर भी हिमपात हुआ है। राजधानी शिमला व आसपास के क्षेत्रों में बादल छाए हुए हैं। राज्य के मैदानी हिस्सों में भी आसमान बादलों से घिरा हुआ है।
मौसम में आये इस बदलाव से पर्वतीय क्षेत्रों में ठंड बढ़ गई है। शिमला, मनाली, डलहौजी जैसे पर्यटन स्थलों में लोगों को गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ रहा है। लाहौल-स्पीति के केलंग में पारा जमाव बिंदु से नीचे पहुंच गया है। यहां शुक्रवार सुबह न्यूनतम तापमान माइनस 0.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बीते 24 घण्टों के दौरान कांगड़ा जिले के बैजनाथ में 31, हमीरपुर के मेहरे में 07 और पालमपुर में 05 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। हालांकि मौसम विभाग ने राज्य में भारी बारिश-बर्फबारी की संभावना से इनकार किया है। 
मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक मनमोहन सिंह ने बताया कि राज्य में मानसून की सक्रियता अभी बनी हुई है। इस वजह से मौसम में परिवर्तन आया है। उन्होंने कहा कि राज्य के मैदानी और मध्यवर्ती इलाकों में गुरुवार देर शाम बादलों की गड़गड़ाहट के साथ बारिश होने की संभावना है। इस दौरान लाहौल-स्पीति व किन्नौर में बर्फ गिरने के आसार हैं। सिंह ने कहा कि 29 सितम्बर से मौसम साफ हो जाएगा और अगले चार-पांच दिन तक बारिश-बर्फबारी की संभावना नहीं है। अक्टूबर के प्रथम सप्ताह में मानसून राज्य से विदा हो जाएगा। 
बताते चलें कि गत 22 से 24 सितम्बर के बीच राज्य में हुई भारी बारिश व बर्फबारी से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ था। कुल्लु, चम्बा और लाहौल स्पीति में हालात बिगड़ गए थे और इन इलाकों का सम्पर्क कट गया था। भुस्खलन से राज्य भर में 600 से अधिक सड़कें अवरुद्ध हुई थी। लाहौल घाटी में भारी बर्फबारी में सैकड़ों देशी-विदेशी पर्यटक फंस गए। इन्हें सुरक्षित निकालने के लिए राय सरकार द्वारा वायु सेना की मदद ली जा रही है। 

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