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कोरोना वायरस के कारण पूरी दुनिया परेशान है। डॉक्टर्स और मरीज की हालत तो नाजुक है ही, घर से काम करने वाले लोग भी इंटरनेट की समस्या से परेशान हैं। अभी तक स्लो इंटरनेट की समस्या लॉकडाउन में लोगों के गेम खेलने और वीडियो देखने से हो रही थी लेकिन अब कोरोना वायरस को लेकर सोशल मीडिया पर मीम्स और जोक्स भी परेशानी की सबब बन चुके हैं।

रूस की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी एमटीएस ने लोगों से अपील की है कि कोरोना वायरस को लेकर वीडियो, मीम्स और फोटो सोशल मीडिया पर शेयर करना बंद करें, क्योंकि इससे नेटवर्क पर काफी दबाव पड़ रहा है और नेटवर्क सेवाएं बाधित हो रही हैं।

एमटीएस के अध्यक्ष अलेक्सेई कोर्नाया ने कहा है कि मीम्स बनाना और शेयर करना अच्छी बात है लेकिन संकट की इस घड़ी में नेटवर्क और इंटरनेट का ख्याल रखना भी एक जिम्मेदार नागरिक की जिम्मेदारी है। अलेक्सेई के इस बयान को कंपनी की वेबसाइट पर पढ़ा जा सकता है।

अलेक्सेई का कहना है वे लोगों को ऑनलाइन फिल्म और वीडियो देखने के लिए मना नहीं कर रहे हैं लेकिन मीम्स और हेवी वीडियो शेयर होने के कारण नेटवर्क पर काफी लोड पड़ रहा है। ऐसे में लोगों को इसमें कमी करनी चाहिए।

बता दें कि रूस में MTS के 80 मिलियन यानी 8 करोड़ ग्राहक हैं। कोरोना वायरस के कारण हजारों लोग घर से काम कर रहे हैं लेकिन सोशल मीडिया पर जोक्स, मीम्स और वायरस वीडियोज शेयर करने के कारण नेटवर्क जाम हो रहा है। बता दें कि रूस में अनिवार्य रूप से लॉकडाउन की घोषणा नहीं हुई है।

ताबिक साल 2014 में इबोला वायरस के फैलने के बाद पहली बार पीपीई का इस्तेमाल हुआ था। देश के कई अस्पतालों में पीपीई उपलब्ध नहीं हैं। हाल ही में बिहार के एक सरकारी अस्पताल से एक फोटो सामने आई थी जिसमें डॉक्टर्स और नर्स को पीपीई की जगह प्लास्टिक पहने हुए देखा जा सकता था। ऐसे में सरकारी की जिम्मेदारी है कि अस्पतालों में कोरोना के मरीजों का ध्यान रख रहे स्वास्थ्यकर्मियों को पीपीई और मास्क जैसे जरूरी सामान उपलब्ध कराए जाएं।

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