Today's Top News

img

रिश्वत सुनते ही सबसे पहले दिमाग में यही आता है कि कोई रिश्वत लेते हुए पकड़़ गया या किसी ने रिश्वत की मांग या किसी ने रिश्वत दी लेकिन रिश्वत की राशि वापस लौटाते हुए पकड़े जाना बहुत कम देखा गया है। ऐसा ही मामला राजस्थान के बीकानेर से आया है।



बीकानेर में शिक्षा विभाग के एक अफसर ने परिवादी से काम के बदले रिश्वत ली थी लेकिन वो काम पूरा ना हो सका। इसके बाद निराश परिवादी अधिकारी पर पैसा वापस करने के लिए दबाव बनाने लगा। अधिकारी जैसे ही परिवादी को उसके पैसे लौटाने लगे, तभी वो पकड़ा गया।

यह मामला बीकानेर स्थित शिक्षा विभाग के निदेशक कार्यालय का है। यहां के ज्वाइंट लीगल एडवाइजर बद्रीनारायण व्यास को एसीबी ने रिश्वत के 30,000 रुपये लौटाते हुए पकड़ा। डीआईजी डॉ विष्णुकांत ने बताया कि नागौर के मुंडवा मारवाड़ में अर्जुनराम जाट ने लिखित शिकायत की थी।


शिकायत में बताया गया कि वह शिक्षा विभाग में पीटीआई के पद पर नियुक्त हुआ है। उसके खिलाफ पहले से चार आपराधिक प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन होने के कारण उसका मामला माध्यमिक शिक्षा निदेशालय में चल रहा था। निदेशालय के ज्वाइंट लीगल एडवाइजर व्यास ने उसके पक्ष में रिपोर्ट दर्ज करने के लिए 30,000 रुपये की राशि मांगी, जो उसने दे दी।


इसके बाद भी न्यायालय ने उसका प्रकरण खारिज कर दिया, अभ वो व्यास से अपने पैसे वापस मांगने लगा। जैसे ही व्यास उसके पैसे लौटाने लगा, एसीबी के अधिकारी ने व्यास को गिरफ्तार कर लिया।

Adv

You Might Also Like