ADV2
adv Ftr

उत्तरी कोयल जलाशय के शेष कार्यों को करेगी पूरा वाप्कोस कंपनी

 

मेदिनीनगर/रांची, 05 जनवरी (हि.स.)। मेदिनीनगर के उत्तरी कोयल जलाशय परियोजना के शेष कार्य को शीघ्रता के साथ पूरा करने के लिए वाप्कोस लिमिटेड जल संसाधन पीएसयू को कार्यान्वयन एजेंसी के रूप में नियुक्त किया गया है। वाप्कोस, केंद्रीय जल आयोग नयी दिल्ली जल संसाधन विभाग, बिहार सरकार और जल संसाधन विभाग झारखण्ड सरकार के बीच समझौते पर 26 सितंबर 2017 को परियोजना के सुचारू कार्यान्वयन के लिए करार पर हस्ताक्षर किए गए। वाप्कोस इस परियोजना को मार्च 2020 में पूरी करेगी।

उत्तरी कोयल जलाशय परियोजना में कार्य का प्रकार
पहला, झरखण्ड में उत्तरी कोयल नदी, सोन नदी की एक सहायक नदी पर लातेहार ज़िले के बरवाडीह खंड में कुटकू गांव (मंडल) के पास 67.86 मीटर ऊंचा और 343 मीटर लंबा कंक्रीट का बांध है। दूसरा, झारखण्ड राज्य के गढ़वा ज़िले में बांध से 96 किलोमीटर अनुप्रवाह पर मोहम्मदगंज में 819.6 मीटर लंबा बैराज। तीसरा, राज्य के पुराने पालमू, गढ़वा ज़िले व बिहार के औरंगाबाद और गया ज़िले ने सिंचाई की भूमि के लिए वितरण प्रणाली के साथ मोहम्मदगंज बैराज के बाएं और दाएं तट से निकलने वाली दाएं तट से निकलने वाली दो नहरें।
परियोजना के लोगों को लाभ
उत्तरी कोयल जलाशय परियोजना के समापन पर परियोजना से झारखण्ड के गढ़वा, पलामू और बिहार ज़िले के गया व औरंगाबाद के 1,11,521 हेक्टेयर के सूखाग्रस्त जिलों को सिंचाई उपलब्ध करवाने की परिकल्पना है। इस परियोजना से लोगों को पेयजल और औद्योगिक उद्देश्य के लिए जल भी उपलब्ध करवाएगी।

Todays Headlines