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आशा वर्करों ने पंजाब सरकार के विरूद्व 10 दिवसीय मोर्चा खोला

आशा वर्करों ने पंजाब सरकार के विरूद्व 10 दिवसीय मोर्चा खोला

सरकार उनकी मांगों को कर रही नजरअंदाज: राजवीर कौर 
लुधियाना 5 अक्टूबर (राम राजपूत/राजन मेहरा): पिछले लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आशा वर्कर और फैसिलिटेटर यूनियन पंजाब द्वारा पंजाब सरकार के विरुद्ध मोर्चा खोला हुआ है। आशा वर्कर 1 अक्टूबर से लेकर 10 अक्टूबर तक पंजाब सरकार के विरूद्व धरना प्रदर्शन करेंगे।  जिसमें वह सो रही सरकार को जगाने के लिए अपनी आवाज उनके कानों तक पहुंचाएगी। इस मौके पर आशा वर्करों ने खाली बर्तन खड़काए और सरकार का अर्थी फूंक प्रदर्शन किया। आशा वर्कर जिला प्रधान राजवीर कौर ने कहां कि सरकार उनकी मांगों को नजरअंदाज कर रही है और उनसे काम लेने के बावजूद भी उन्हें वेतन भी नहीं मिल रहा। उनहोंने कहा कि कोविड-19 भत्ता 2500 और छुट्टी के लिए नोटिफिकेशन जारी किया जाए। इस मौके पर आशा वर्करों ने खाली बरतन खडका कर सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन करती रही। उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा कि उन्हें भी हरियाणा पैटर्न पर 4000 रूपये प्रति महीना इंसेंटिव दिया जाए और आशा फैसिलिटेटर 4000 प्रति महीना और 500 रूपये प्रति टूर दिया जाए। आशा वर्करों और फैसिलिटेटर को कम से कम 15000 रूपये प्रति वेतन के हिसाब से लागू किया जाना चाहिए। राजवीर कौर ने कहा कि ड्यूटी दौरान हादसा ग्रस्त होने वाले वर्करों व कर्मचारियों को प्रत्येक सहूलत दी जाए। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार उनका शोषण कर रही है जिस कारण उनकी किसी भी मांग को प्रवानगी नहीं दी जा रही है। जिस पर आशा वर्करों ने पंजाब सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है। इस अवसर पर नीतू बाला, हरजिंद्र कौर, कमलजीत कौर, हरप्रीत कौर, कमलजीत कौर आदि उपस्थित थे।


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