147481-ubposkyrpd-1609759110

Delhi riots: Khalid's lawyer remarks, anti-CAA protest was secular, chargesheet communal

दिल्ली दंगा: खालिद के वकील ने की टिप्पणी, सीएए विरोधी प्रदर्शन था धर्मनिरपेक्ष, चार्जशीट सांप्रदायिक

जेएनयू के पूर्व छात्र नेता उमर खालिद ने मंगलवार को अदालत से कहा कि सीएए विरोधी प्रदर्शन धर्मनिरपेक्ष था। दिल्ली दंगों की साजिश के मामले में आरोपपत्र सांप्रदायिक था और पुलिस ने खुद की अपनी एक कहानी को गढ़ दिया। खालिद की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता त्रिदीप पेस ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) समर्थकों के बीच झड़प के बाद 24 फरवरी, 2020 को उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुई हिंसा से संबंधित एक मामले में खालिद की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की। 


प्रदर्शनकारियों के अनियंत्रित होने के बाद खालिद सहित दूसरे लोगों पर गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया और खालिद पर दंगे का 'मास्टरमाइंड' होने के आरोप लगे थे। इस हिंसा में 53 लोगों की मौत हो गई थी जबकि 700 से अधिक लोग जख्मी हुए थे। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत के समक्ष खालिद की जमानत याचिका पर बहस करते हुए पेस ने कहा कि आरोप पत्र पुलिस की ओर से गढ़ी गई कहानी थी। जांच अधिकारी इस कहानी के पटकथा लेखक रहे और हकीकत में भी एक उपन्यास लिखा। 


खालिद के खिलाफ दिल्ली पुलिस की ओर से लगाए आरोपों का विरोध करते हुए पेस ने अदालत को बताया कि न तो कोई बरामदगी हुई और न ही दिल्ली में मौजूद था। न तो हिंसा के लिए जिम्मेवार था और न ही फंडिंग के सबूत मिले। पेस ने अदालत से कहा कि दंगे के कई दिनों बाद बयान तैयार मामला दर्ज किया गया था। महज कॉल डिटेल्स के मुताबिक दूसरे आरोपियों के लोकेशन के साथ मिलान करने पर खालिद को गिरफ्तार कर लिया गया। सीएए के विरोध का जिक्र करते हुए पेस ने कहा कि इस मामले में एक भी गवाह ने यह नहीं कहा कि महिलाओं का शोषण किया गया था। वास्तव में विरोध प्रदर्शन में अलग अलग क्षेत्रों के कई प्रबुद्ध और शिक्षित लोग थे जो आरोपी नहीं हैं। यह विरोध धर्मनिरपेक्ष था मगर चार्जशीट सांप्रदायिक है। अगर दिल्ली पुलिस एक निष्पक्ष जांच करती तो किसी अन्य मामले की चार्जशीट से 'टुकड़े-टुकड़े' वाक्यांश को इस मामले से नहीं जोड़ा जाता। अगर आपके पास एक राजनीतिक व्यक्ति है जो राज्य के खिलाफ बोलता है और आप उसे फंसाना चाहते हैं। ऐसे में झूठी और मनगढ़ंत कहानी गढ़ी गई। खालिद निर्दोष है और उसने कुछ नहीं किया। यह भी आरोप लगे थे कि खालिद ने जेएनयू के छात्र शारजील इमाम व अन्य ने शाहीन बाग इलाके में सड़कों को अवरुद्ध करने का निर्देश दिया था।

 


Comment As:

Comment (0)