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घर वापसी के बाद मुकुल रॉय ने पत्रकारों से चर्चा में कहा- मैं बीजेपी छोड़कर टीएमसी में आया हूं, अभी बंगाल में जो स्थिति है, उस स्थिति में कोई बीजेपी में नहीं रहेगा।'  दादा ने टीएमसी में वापसी के बाद उनकी विचारधारा को लेकर पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में यह बात कही। 

रॉय ने कहा कि सभी जाने-पहचाने चेहरों को एकबार फिर से देखकर, भाजपा से बाहर निकलकर अच्छा लगता है। उन्होंने यह भी कहा कि दीदी के साथ कोई मतभेद नहीं था और वह देश की नेता हैं।

तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख व बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुकुल रॉय की घर वापसी पर स्वागत किया। ममता बनर्जी ने इस मौके पर कहा कि भाजपा में मुकुल रॉय को धमकाया गया, इससे उनकी सेहत पर असर पड़ा। ममता ने मुकुल रॉय को क्लीनचिट देते हुए कहा, 'हमारा दल शक्तिशाली है, लोगों ने हमारी पार्टी के साथ गद्दारी की, लेकिन मुकुल ने चुनाव के दौरान भी हमारे साथ गद्दारी नहीं की। जिन लोगों ने हमारी पार्टी के साथ गद्दारी की, उन्हें वापस नहीं लेंगे।'' टीएमसी महासचिव पार्थ चटर्जी ने कहा कि मुकुल रॉय के बेटे सुभ्रांशु भी तृणमूल कांग्रेस में लौट आए हैं। 

ममता बनर्जी ने पत्रकारों से चर्चा में कहा- वे (मुकुल रॉय) महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे, पहले वे जो भूमिका निभाते थे, भविष्य में भी वे वही भूमिका निभाएंगे। टीएमसी एक परिवार है। ममता बनर्जी से पूछा गया था कि मुकुल रॉय को भविष्य में किस पद की ज़िम्मेदारी दी जाएगी? इस सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने यह बात कही। 

राजीव बनर्जी व अन्य की वापसी के सवाल को ममता ने टाला

ममता बनर्जी ने राजीव बनर्जी सहित टीएमसी के अन्य बागियों की घर वापसी के सवाल को टाल दिया। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इस बारे में कुछ कह पाएंगी। ममता ने कहा 'आप लोगों ने देखा कि लैंडस्लाइड विक्ट्री हासिल की। मुकुल अच्छा लड़का है, उसे डरा, धमका कर और एजेंसियों से डराकर बीजेपी ले गई थी, लेकिन उसे यहां वापस आकर मानसिक शांति मिलेगी। बीजेपी में बहुत अधिक शोषण है। 

सुवेंदु अधिकारी बनाम मुकुल रॉय का अंजाम

माना जा रहा है कि मुकुल के भाजपा से खफा होने की वजह सुवेंदु अधिकारी का बंगाल भाजपा में बढ़ता कद रहा। पहले मुकुल रॉय राज्य में पार्टी के अग्रणी नेताओं में थे, लेकिन हालिया चुनाव से पूर्व सुवेंदु अधिकारी को तवज्जो मिलने लगी थी। इससे मुकुल रॉय खफा थे। 

पीएम ने की 10 मिनट बात, पर नहीं माने मुकुल रॉय

बीते कुछ दिनों से मुकुल रॉय ने भाजपा की बैठकों से दूरी बना ली थी। इसी बीच उनकी पत्नी बीमार हो गईं तो ममता बनर्जी के भतीजे व टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी उनसे मिलने गए। इसी बीच मुकुल रॉय की नाराजगी की भनक लगने पर पीएम मोदी ने तीन जून को खुद उनसे फोन पर करीब 10 मिनट तक बात की थी। इसके बाद भी मुकुल रॉय नहीं माने और आखिरकार 'घर' लौट गए। 

2017 में छोड़ा था दीदी का साथ 

मुकुल रॉय ने 2017 में ममता बनर्जी की टीएमसी छोड़कर भाजपा में प्रवेश किया था। उन्हें भाजपा ने अपना राष्ट्रीय उपाध्यक्ष तक बना दिया था। हालिया विधानसभा चुनाव में भाजपा की हार के बाद से ही उन्होंने पार्टी से किनारा कर लिया था। 

35 हजार वोट से जीते चुनाव

बंगाल विधानसभा चुनाव में भाजपा ने मुकुल रॉय को कृष्णनगर उत्तर सीट से प्रत्याशी बनाया था। वह टीएमसी की कौशानी मुखर्जी को 35 हजार से ज्यादा वोटों से हराकर विजयी हुए। उनके बेटे सुभ्रांशु रॉय भी भाजपा प्रत्याशी बनाए गए थे, लेकिन वह हार गए।

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