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नई दिल्ली, 18 मई (हि.स.)। स्टॉक और कमोडिटी मार्केट की नियामक संस्था भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) जल्दी ही हाजिर सोने की खरीद और बिक्री के लिए स्पॉट गोल्ड एक्सचेंज की शुरुआत कर सकती है। इस एक्सचेंज में छोटे निवेशकों के साथ ही विदेशी निवेशक, ज्वेलर्स और सोने का कारोबार करने वाले अन्य पेशेवर भी कारोबार कर सकेंगे। सेबी ने स्पॉट गोल्ड एक्सचेंज की शुरुआत के संबंध में सभी पक्षों से उनकी राय मांगी है। 

बताया जा रहा है कि भारत में गोल्ड एक्सचेंज शुरू करने के पीछे के प्रमुख उद्देश्य स्वदेशी गोल्ड डिलीवरी स्टैंडर्ड को स्थापित करना है। इसके साथ ही उसका एक उद्देश्य सोने के मूल्य को आधिकारिक तौर पर सेट करना भी है। दुनिया भर में सोने की खपत के मामले में भारत चीन के बाद दूसरे नंबर पर है। चीन में सोने की सबसे अधिक खपत होती है, उसके बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार से सबसे अधिक सोना भारत ही खरीदता है। लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार में अभी भी भारत की स्थिति प्राइस सेटर की नहीं है, बल्कि उसकी हैसियत प्राइस टेकर की है। जानकारों का कहना है कि स्पॉट गोल्ड एक्सचेंज के जरिए सोने का कारोबार होने से सोने के लेनदेन में पारदर्शिता बढ़ेगी। साथ ही आने वाले दिनों में भारत कमोडिटी मार्केट में प्राइस सेटर के रूप में स्थापित हो सकेगा। 

मिली जानकारी के मुताबिक स्पॉट गोल्ड एक्सचेंज में इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसिप्ट (ईजीआर) के जरिए कारोबार किया जा सकेगा। इसका कारोबार तीन चरणों में बंटा हुआ होगा। पहले चरण में सोने की डिलीवरी करने की इच्छुक कंपनी या शख्स को सेबी के नियंत्रण वाले वॉल्ट मैनेजर के पास गोल्ड बिस्किट या गोल्ड कॉयन के रूप में फिजिकल गोल्ड (प्रत्यक्ष सोना) जमा कराना होगा। फिजिकल गोल्ड की क्वालिटी और क्वांटिटी चेक करने के बाद दूसरे चरण में वॉल्ट मैनेजर इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसिप्ट (ईजीआर) जारी करेगा। इस ईजीआर के जरिए ही एक्सचेंज में सोने की ट्रेडिंग की जाएगी। ईजीआर खरीदने वाला शख्स या कंपनी खरीदे हुए ईजीआर को वॉल्ट मैनेजर को सौंपेगा। जिसके बाद तीसरे चरण में वॉल्ट मैनेजर ईजीआर के बदले फिजिकल गोल्ड की डिलीवरी देगा। 

अभी तक की योजना के तहत सोने का ईजीआर 50 ग्राम, 100 ग्राम और 1 किलोग्राम का होगा। छोटे निवेशकों को ध्यान में रखते हुए कुछ शर्तों के साथ इसमें 10 ग्राम और 5 ग्राम के ईजीआर भी रखे जाएंगे। बताया जा रहा है कि स्पॉट गोल्ड एक्सचेंज में शेयर ट्रेडिंग की तरह ही ईजीआर की भी ट्रेडिंग की जाएगी। एक्सचेंज पर ट्रेड होने वाले ईजीआर का भी सेटलमेंट स्टॉक मार्केट की तर्ज पर शेयरों के सेटलमेंट की तरह ही किया जाएगा। किसी भी ट्रेडर को अगर ट्रेडिंग के बाद फिजिकल गोल्ड लेना होगा, तो उसे अपने खरीदे हुए ईजीआर को वॉल्ट मैनेजर के पास सरेंडर करना होगा। इस ईजीआर के के एवज में ग्राहक को उसकी खरीद के मुताबिक सोने की डिलीवरी दे दी जाएगी। 

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने स्पॉट गोल्ड एक्सचेंज की शुरुआत के लिए एक कंसल्टेशन पेपर जारी किया है। इस कंसल्टेशन पेपर में सेबी ने सभी संबंधित पक्षों से 18 जून तक राय देने का आग्रह किया है, ताकि गोल्ड एक्सचेंज की कार्य योजना को अंतिम रूप दिया जा सके। आपको बता दें कि सेबी ने नए एक्सचेंज पर सोने का कारोबार करने के लिए दो वर्किंग ग्रुप का गठन किया था। इन दोनों ग्रुप्स ने 27 अप्रैल को अपनी रिपोर्ट सेबी के पास जमा कर दी थी। इन रिपोर्ट्स के आधार पर ही सेबी ने कंसल्टेशन पेपर तैयार किया है। माना जा रहा है कि 18 जून तक सभी संबंधित पक्षों की राय मिलने के बाद आने वाले महीनों में सेबी स्पॉट गोल्ड एक्सचेंज की स्थापना की दिशा में ठोस कदम उठा लेगा। 
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