Today's Top News

img

फ्रेट राजस्व बढ़ाने में सराहनीय भूमिका निभा रहीं बिजनेस डेवलपमेंट इकाइयां


मुंबई, 18 मार्च, (हि. स.)। ल़ॉकडाउन की विपरीत परिस्थितियों के बावजूद पश्चिम रेलवे ने अपनी 988 पार्सल विशेष ट्रेनों के माध्यम से लगभग 2 लाख,92 हजार टन वजन की सामग्री का परिवहन किया है।  नए यातायात को आकर्षित करने और यातायात की मौजूदा स्ट्रीम में रेल हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए भारतीय रेलवे के सभी क्षेत्रीय रेलों में बिजनेस डेवलपमेंट यूनिट का गठन किया गया है। पश्चिम रेलवे ने भी प्रधान कार्यालय और अपने सभी मंडलों में बीडीयू की स्थापना की है, जो फ्रेट कस्टमर्स को बेहतर सेवाएं प्रदान करने तथा राजस्व बढ़ाने के लिए सराहनीय कार्य कर रही हैं।


पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी सुमित ठाकुर के अनुसार, बीडीयू को विभिन्न उद्योगों के साथ सम्पर्क करने और उन्हें रेल द्वारा कंसाइनमेंट ले जाने की सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से स्थापित किया गया है। बीडीयू के कामकाज के व्यापक क्षेत्रों में परंपरागत थोक सामग्री के परिवहन में  रेल हिस्सेदारी में वृद्धि करना और स्थानीय उद्योगों से नए गैर-थोक यातायात को रेल मोड में आकर्षित करना शामिल है। पश्चिम रेलवे में अगस्त, 2020 में बीडीयू की स्थापना के बाद से फरवरी 2021 तक, कुल 245 बैठकें हो चुकी हैं। इनमें मण्डल अधिकारियों द्वारा 218 बैठकें और 27 बैठकें प्रधान कार्यालय में आयोजित की गईं। बीडीयू के कामकाज के प्रभाव के परिणाम स्वरूप पश्चिम रेलवे को 511.74 करोड रुपये का राजस्व अर्जित करने वाले 1 हजार, 627 रेकों का नया माल यातायात हासिल हुआ।  इसी तरह रेलवे बोर्ड द्वारा बीडीयू के प्रयासों पर पिछले साल 1 जुलाई  से दी गयी विभिन्न रियायतों के कारण 353.94 करोड़ रुपये के राजस्व के साथ 2 हजार,168 रेकों के अतिरिक्त नए यातायात की प्राप्ति हुई।


ठाकुर ने बताया कि 1 अप्रैल से  इस साल 16 मार्च  तक पश्चिम रेलवे का माल लदान पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 74.96 मिलियन टन की तुलना में 77.12 मिलियन टन रहा है। यह वृद्धि देशव्यापी लॉकडाउन की मुश्किल चुनौतियों के बावजूद हासिल की गई है। पिछले साल  23 मार्च के बाद से  पश्चिम रेलवे द्वारा अपनी 988 पार्सल विशेष ट्रेनों के माध्यम से लगभग 2 लाख,92 हजार टन वजन की सामग्री का परिवहन किया गया है। इसके अंतर्गत मुख्य रूप से कृषि उत्पाद, दवाइयां, मछली, दूध आदि शामिल हैं। इस परिवहन के माध्यम से राजस्व लगभग 104 करोड़ रुपये रहा है। इस अवधि के दौरान पश्चिम रेलवे द्वारा 180 मिल्‍क स्पेशल ट्रेनें चलाई गईं, जिनमें वैगनों का शत-प्रतिशत उपयोग करते हुए लगभग 1 लाख,33 हजारटन का लदान किया गया। इसी प्रकार, 79 हजार टन से अधिक भार वाली 616 कोविड-19 पार्सल विशेष ट्रेनें भी विभिन्न अत्‍यावश्यक वस्तुओं के परिवहन के लिए चलाई गईं। इनके अतिरिक्त, लगभग शत-प्रतिशत उपयोग के साथ 54 हजार टन का भार वहन करने वाले 120 इंडेंटेड रेक भी चलाये गये। 24 हजार टन से अधिक का भार वहन करने वाली 72 किसान रेल स्‍पेशल ट्रेनें अब तक चलाई गई हैं। 


लॉकडाउन की अवधि के बाद से अब तक  पश्चिम रेलवे द्वारा 76.41 मिलियन टन की अत्‍यावश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के लिए माल गाड़ियों के कुल 34 हजार,517 रेकों का उपयोग किया गया है। अन्य जोनल रेलों के साथ 71 हजार,452 मालगाड़ियों को इंटरचेंज किया गया है।  अभी 17 मार्च  को पश्चिम रेलवे के विभिन्न भागों से 5 विशेष ट्रेनें रवाना हुईं, जिनमें 3 किसान रेल शामिल हैं। इनमें से दहानू रोड और अमलसाड से आदर्श नगर के लिए एक-एक और एक किसान रेल धोराजी से न्यू गुवाहाटी के लिए जबकि एक इंडेंट स्‍पेशल करम्‍बेली से अजरा और एक मिल्‍क विशेष ट्रेन पालनपुर से हिन्द टर्मिनल के लिए चलाई गई।


Adv

You Might Also Like