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जॉर्ज एच डब्ल्यू बुश को अंतिम विदाई

वॉशिंगटन, 06 दिसम्बर (हि.स.)। भारतीय लोकतंत्र के हिमायती पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज हरवरट वाकर बुश को यहां नेशनल कैथेडरल में एक महानायक के रूप में अंतिम विदाई दे दी गई।
नेशनल कैथेडरल में विदाई समारोह में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प सहित सभी चारों पूर्व राष्ट्रपति जिमी कार्टर, बिल क्लिंटन, बराक ओबामा और जार्ज डब्ल्यू बुश तथा कांग्रेस के सस्यों के अलावा सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश मौजूद रहे। गुरुवार की सुबह दिवंगत नेता को उनके पैतृक कॉलेज स्टेशन स्थित सिमेटरी में दफन किए जाने से पहले उनके शव को बुधवार की शाम एक विशेष विमान से ह्युस्टन, टेक्सास ले जाया गया। 

जार्ज बुश के बड़े बेटे पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश ने बुधवार को यहां अंतिम विदाई समारोह के अवसर पर सीनियर बुश के सम्मान में प्रशस्ति संबोधन में कहा, जब इतिहास लिखा जाएगा, उसमें ये पंक्तियां लिखी जाएंगी कि वह महान राष्ट्रपति थे| एक कुशल कूटनीतिज्ञ थे| एक असाधारण व्यक्तित्व के धनी थे और एक अद्भुत कमांडर इन चीफ होने के साथ-साथ ऐसे नेक पुरुष भी थे, जो अपने ऑफिस की जिम्मेदारियों को मान-मर्यादा के साथ निभाना जानते थे।
जॉर्ज बुश अपने उद्बोधन के अंत में यह आखिरी पंक्ति कहते कहते फूट-फूटकर रो पड़े कि वह ऐसे सर्वप्रिय पिता थे, जो बेटे-बेटी के लिए हो सकते थे। संबोधन के समय पुत्र जार्ज बुश की आंखे नाम थीं और गला भरा हुआ था। इस अवसर पर उपराष्ट्रपति माइक पेंस और कनाडा के पूर्व प्रधानमंत्री और मित्र ब्रयान मलरोनी ने भी संबोधन दिया। 

उल्लेखनीय है कि सीनियर बुश का निधन शुक्रवार को 94 वर्ष की आयु में हो गया था। उनकी पत्नी बारबरा (73) का गत अप्रैल में निधन हुआ था। वह पार्किंसन रोग से ग्रस्त थे। जॉर्ज एच डब्ल्यू बुश के परिवार में पांच बेटे-बेटियां, 14 पोते-पोतियां, नातिन और आठ पड़पोते और नाती-नातिन हैं। 

अमेरिका के राष्ट्र ध्वज में लिपटे दिवंगत नेता के शव को सोमवार की शाम जब लाया गया था, तो उन्हें राजकीय सम्मान के साथ 21 तोपों की सलामी दी गई| पार्थिव देह को तीनों सेनाओं के जवानों ने सलामी दी। 

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