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नई दिल्ली, 23 फरवरी (हि.स.)। स्वास्थ्य क्षेत्र से संबंधित बजट कार्यान्वयन पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को एक वेबिनार के दौरान केन्द्रीय स्वास्थ्य के क्षेत्र के लिए आवंटित बजट को अभूतपूर्व बताया। उन्होंने कहा कि ये हर देशवासी को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने की केन्द्र सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कोरोना महामारी ने हमें भविष्य में ऐसी चुनौतियों से लड़ने के लिए तैयार कर दिया है। कोरोना के दौरान भारत के हेल्थ सेक्टर ने जो मजबूती दिखाई है, अपने जिस अनुभव और अपनी शक्ति का प्रदर्शन किया है, उसे दुनिया ने बहुत बारीकी से नोट किया है। आज पूरे विश्व में भारत के हेल्थ सेक्टर की प्रतिष्ठा और भारत के हेल्थ सेक्टर पर भरोसा, नए स्तर पर है। चार मोर्चे पर एक साथ काम उन्होंने कहा कि भारत को स्वस्थ रखने के लिए हम चार मोर्चों पर एक साथ काम कर रहे हैं। पहला मोर्चा है, बीमारियों को रोकना यानि स्वास्थ्य को होलिस्टिक तरीके से देखना। दूसरा मोर्चा, गरीब से गरीब को सस्ता और प्रभावी इलाज देने का है। आयुष्मान भारत योजना और प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र जैसी योजनाएं यही काम कर रही हैं। तीसरा मोर्चा है, हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर और हेल्थ केयर प्रोफेशनल्स की संख्या और गुणवत्ता में बढ़ोतरी करना और चौथा मोर्चा है, समस्याओं से पार पाने के लिए मिशन मोड पर काम करना। मिशन इंद्रधनुष का विस्तार देश के आदिवासी और दूरदराज के इलाकों तक किया गया है। निजी क्षेत्र की भागीदारी प्राइवेट सेक्टर, पीएमजेएवाई में हिस्सेदारी के साथ-साथ सरकारी स्वास्थ्य लैब का नेटवर्क बनाने में पीपीपी मॉडल्स को भी सपोर्ट कर सकता है। नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन, नागरिकों के डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड और दूसरी आधुनिक तकनीकी को लेकर भी साझेदारी हो सकती है। देश से टीबी को खत्म करने के लिए हमने वर्ष 2025 तक का लक्ष्य रखा है। टीबी भी संक्रामक बीमारी है। टीबी की रोकथाम में भी मास्क पहनना, पहले बीमारी का पता लगाना और समय से उपचार, तीनों ही अहम हैं।
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