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रोडवेज का चक्का जाम, 4000 बसों के थमे पहिये

 

चंडीगढ़, 07 अगस्त (हि.स.)। नए मोटर वाहन संशोधन बिल-2017 को रद्द कराने की मांग को लेकर राष्ट्रीय ट्रेड यूनियन के आह्वान पर हरियाणा में 4000 रोडवेज बसों के पहिये मंगलवार तड़के थम गए। रोडवेज बसों का चक्का जाम होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ा। निजी वाहनों ने यात्रियों से मनमाना किराया वसूला। खासकर नौकरीपेशा लोग सुबह निर्धारित समय की देरी से पहुंचे। प्रदेश में रोडवेज बसों में हर रोज करीब 13 लाख यात्री सफर करते हैं। 
प्रदेश में रोडवेज यूनियन सरकार द्वारा 700 निजी बसों को परमिट देने का विरोध कर रही है। प्रदेश को रोडवेज को छह से सात करोड़ रुपये का नुकसान होगा। रोडवेज कर्मियों ने बस अड्डों पर एकत्रित होकर सरकार की निजीकरण नीति का विरोध किया। किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए पुलिस पूरी तरह मुस्तैद रही।
रोडवेज यूनियन के कर्मचारी नेता चंद्रभान ने कहा कि सरकार द्वारा जो कर्मचारी विरोधी बिल पास किया गया है, उसके विरोध में यह हड़ताल की जा रही है। उन्होंने कहा कि आमजन की बेहतरी के लिए सरकारी परिवहन सेवा को बचाने और परिवहन के क्षेत्र में सरकारी रोजगार को बचाने की मांग को लेकर यह प्रदर्शन है। 

इसलिए हैं रोडवेज कर्मी हड़ताल पर 
प्रदेश सरकार किलोमीटर के हिसाब से 700 निजी बसों को परमिट देने की योजना तैयार कर रही है। करीब 500 ट्रांसपोर्टरों ने परमिट के लिए आवेदन भी किया है। जल्द ही बसों को रूट अलॉट कर दिए जाएंगे। हालांकि इसमें बस व चालक ट्रांसपोर्टर के होंगे जबकि परिचालक रोडवेज का होगा। रूट भी रोडवेज द्वारा ही निर्धारित किए जाएंगे। रोडवेज यूनियन कई बार सरकार को किलोमीटर योजना के प्रति चेता चुकी हैं, लेकिन परिवहन मंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि कैबिनेट में लिया गया फैसला लागू होगा। लिहाजा रोडवेज यूनियन सरकार के इस कदम को निजीकरण करने की योजना बता रही है। 

सरकार निजीकरण की ओर बढ़ा रही कदम 
ऑल हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष हरिनारायण शर्मा ने बताया कि सरकार द्वारा किलोमीटर योजना के तहत 700 बसें चलाने के विरोध में हड़ताल की गई है। हालांकि यह हड़ताल नए मोटर वाहन संशोधन बिल-2017 के विरोध में ट्रेड यूनियनों द्वारा की गई है। रोडवेज यूनियन की ओर से मांगों को लेकर कई बार मांग पत्र सौंपा जा चुका है, केवल सहमति जताई गई है, लेकिन किसी को लागू नहीं किया गया है। प्रदेश सरकार 700 बसों को परमिट देकर रोडवेज का निजीकरण करने की ओर कदम बढ़ा रही है। सरकार रोडवेज बेड़े में नई बसें शामिल करने की बजाय किलोमीटर योजना के तहत परमिट दे रही है। रोडवेज यूनियनें इसका एकजुटता के साथ विरोध कर रही हैं।

निजी वाहनों ने लूटी चांदी
रोडवेज बसों के पहिये थमने से प्राइवेट वाहन संचालकों ने खूब चांदी लूटी। प्राइवेट वाहन संचालकों ने यात्रियों से मनमर्जी किराया वसूला। खासकर थ्री-व्हीलर चालकों ने यात्रियों से दोगुना किराया वसूला। राष्ट्रीय राजधानी से सटे बहादुरगढ़ में लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा। बहादुरगढ़ से होकर करीब आधे हरियाणा से राजधानी दिल्ली तक आवागमन होता है। लोगों ने गंतव्य तक पहुंचने के लिए मेट्रो ट्रेन व निजी वाहनों का सहारा लिया। 

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