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नई दिल्ली, 25 जनवरी (हि.स.)। केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने सोमवार को इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) का बचाव करते हुए इसे सामान्य भारतीय को सशक्त बनाने के लिए तैयार किया गया उपकरण बताया।



केंद्रीय मंत्री प्रसाद ने निर्वाचन आयोग द्वारा आयोजित 11वें राष्ट्रीय मतदाता दिवस कार्यक्रम को बतौर विशिष्ट अतिथि कहा कि भले ही ईवीएम के उपयोग को लेकर अलग-अलग राय हो लेकिन इस बात को नाकारा नहीं जा सकता कि इसके उपयोग के चलते देश के विभिन्न हिस्सों में विविध स्तर के राजनीतिक समीकरण बने हैं।


उन्होंने कहा कि आम भारतीयों को सशक्त बनाने के लिए बनाए गए किसी भी उपकरण का स्वागत किया जाना चाहिए। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की लोकसभा चुनाव में दिल्ली की सातों सीटों पर जीत के बाद विधानसभा चुनाव में मिली हार का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि हमने दिल्ली में सभी लोकसभा सीटों को जीता और उन्हीं ईवीएम से हम दिल्ली में विधानसभा चुनाव हार गए। इसे हमें स्वीकार करना और सम्मान देना चाहिए।


देशभर में बेहतर चुनाव प्रबंधन के लिए निर्वाचन आयोग की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि 130 करोड़ से अधिक की आबादी वाले भारत में 90 करोड़ मतदाताओं के लिए 10 लाख बूथों की मदद से शांतिपूर्ण तरीके से चुनाव कराना एक चुनौती है लेकिन चुनाव आयोग शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव कराकर एक सराहनीय काम करता है।


मंत्री ने कहा कि बूथ कैपचरिंग आज बीते जमाने की बात हो चुकी है, जिसके लिए उनका गृह राज्य बिहार कुख्यात था। उन्होंने कहा कि ईवीएम और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के माध्यम से डिजिटल सशक्तिकरण को निष्पक्ष रूप से परिलक्षित करने की आवश्यकता है।


रविशंकर प्रसाद ने जब ये टिप्पणी की उस समय कांग्रेस के जयराम रमेश, कपिल सिब्बल और तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ ब्रायन सहित कई विपक्षी नेता भी वहां मौजूद रहे। ईवीएम की विश्वसनीयता पर कुछ दलों ने कई मौकों पर सवाल उठाए हैं। इस कार्यक्रम में राजनीतिक दलों के नेता और चुनाव आयोग के शीर्ष अधिकारी भी मौजूद रहे।

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