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जीआरएसई को मिला ‘नवरत्न’ का दर्जा, कंपनी के लिए ऐतिहासिक क्षण: सीएमडी

नई दिल्ली, 20 जून (हि.स)। सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (जीआरएसई) लिमिटेड को ‘नवरत्न’ का दर्जा प्रदान किया गया है। वित्त मंत्रालय के तहत आने वाले डिपार्टमेंट ऑफ पब्लिक एंटरप्राइजेस ने 19 जून को जारी ज्ञापन के जरिए कंपनी को यह दर्जा दिया है।

कंपनी ने शनिवार को शेयर बाजार को इसकी जानकारी दी। कंपनी ने एक्स पोस्ट में कहा कि नवरत्न का दर्जा मिलना उसकी अब तक की यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। यह सम्मान कंपनी के मजबूत वित्तीय प्रदर्शन, परिचालन दक्षता और राष्ट्रीय सुरक्षा में उसके योगदान को मान्यता देता है। यह उन्नयन कंपनी को रणनीतिक अवसरों की तलाश, रक्षा विनिर्माण में आत्मनिर्भरता बढ़ाने, वैश्विक प्रतिस्पर्धा को मजबूत करने और 2047 तक भारत को एक प्रमुख समुद्री शक्ति बनाने में योगदान देने में और सक्षम बनाएगा।

कंपनी के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक कमोडोर पीआर हरि (सेवानिवृत्त) ने कहा अधिकारी ने बताया कि सार्वजनिक उद्यम विभाग ने शुक्रवार को जीआरएसई को उसके लगातार बेहतर वित्तीय और भौतिक प्रदर्शन के आधार पर यह दर्जा प्रदान किया। उन्होंने कहा कि ‘नवरत्न’ दर्जा मिलने से सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों को अधिक वित्तीय और परिचालन स्वायत्तता प्राप्त होती है।

कोलकाता स्थित इस युद्धपोत विनिर्माता कंपनी की वित्त वर्ष 2021-22 में परिचालन आय 1,754 करोड़ रुपये थी, जो वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर 7,002 करोड़ रुपये पर पहुंच गई है। इसी तरह वित्त वर्ष 2021-22 में कंपनी का शुद्ध लाभ 190 करोड़ रुपये था, जो वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर 748 करोड़ रुपये पहुंच गया।

उल्लेखनीय है कि सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी जीआरएसई वाणिज्यिक जहाज भी बनाती है। कपंनी ने इस वर्ष आठ युद्धपोतों की आपूर्ति की है, जिनमें 30 मार्च 2026 को एक ही दिन में तीन युद्धपोत की डिलीवरी शामिल है।

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