काठमांंडू 01 मई (हि.स.)।
भारत-नेपाल कोसी एवं गंडक परियोजनाओं की संयुक्त समिति (जेसीकेजीपी) की दो दिवसीय 11वीं बैठक नेपाल की राजधानी काठमांडू में आज सौहार्दपूर्ण एवं सकारात्मक वातावरण में संपन्न हुई। इस बैठक में दोनों देशों के बीच कोसी एवं गंडक परियोजनाओं से सम्बंधित लंबे समय से चले आ रहे विभिन्न तकनीकी और प्रशासनिक मुद्दों पर विमर्श किया गया।
बैठक में भारतीय पक्ष का प्रतिनिधित्व जल संसाधन विभाग, बिहार के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल एवं नेपाल पक्ष का प्रतिनिधित्व जलस्राेत एवं सिंचाई विभाग के महानिदेशक मित्र बराल ने किया। भारतीय प्रतिनिधिमंडल में केंद्र सरकार एवं बिहार सरकार के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
बैठक में पश्चिमी कोशी मुख्य नहर के 35 किलोमीटर नेपाल भाग, कोशी बराज सहित पूर्वी एवं पश्चिमी तटबंध के एक केन्द्र की ओर प्रवाह बांध, तटबंधों, वाल्मिकीनगर अवस्थित गंडक बराज क्षेत्र एवं मुख्य पश्चिमी नहर के भागों को शीघ्र अतिक्रमणमुक्त कराने के लिए नेपाली प्रतिनिधि दल द्वारा सहमति प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त पश्चिमी कोशी मुख्य नहर के बांध पर लगाए गए बिजली के खम्भों को स्थानांतरित करने पर भी सहमति बनी।
वीरपुर परिक्षेत्र के पूर्वी एक केन्द्र की ओर प्रवाह बांध के कोशी वनटप्पू क्षेत्र में वीरपुर परिक्षेत्र में वर्ष 2026 बाढ़ पूर्व कराये जाने वाले कटाव निरोधक कार्य के लिए उपयोग में लाये जाने वाले सामग्री यथा बालू / मिट्टी / सिल्ट के उपयोग पर सहमति बनी। यहां इस बात पर भी सहमति बनी कि कोशी परियोजना अन्तर्गत लिज भूमि का सीमांकान जीपीएस तकनीक एवं स्थल पर भौतिक रूप में एक समय सीमा के अन्दर पूरा कर लिया जाएगा।
कोशी वनटप्पू क्षेत्र में कराए जाने वाले कटाव निरोधक एवं बाढ़ संघर्षात्मक कार्यों में प्रयुक्त होने वाली निर्माण सामग्रियों एवं वाहनों के दिवा - रात्रि आवागमन पर सहमति बनी।
बाढ़ अवधि में कोशी नदी का जलश्राव अत्याधिक रहने पर स्थानीय नागरिकों द्वारा कोशी बराज पर लकड़ी निकालने, मछली मारने इत्यादि अन्य गतिविधियों के कारण बराज के सामान्य संचालन में हो रही बाधा को दूर करने का आश्वासन नेपाली पक्ष के द्वारा दिया गया।
नेपाली पक्ष के द्वारा नेपाल परिक्षेत्र में स्थानीय नगरपालिका एवं ग्राम पालिकओ द्वारा कोशी परियोजना के वाहनों के सड़क पर आवागमन पर लगाए जाने वाले स्थानीय कर को भारत और नेपाल के बीच हुए समझौता के अनुरूप नहीं माना गया एवं इसे रोकने के लिए आवश्यक करवाई करने का आश्वासन दिया गया।
नेपाल सरकार पक्ष द्वारा नेपाल भाग में अवस्थित पश्चिमी कोशी मुख्य नहर तथा वाल्मिकीनगर गंडक बराज से निकलने वाली मुख्य नहर के कमांड क्षेत्र में कुछ स्थलों पर जल जमाव के निराकरण के लिए जल निकासी की व्यवस्था का अनुरोध किया गया जिसे दोनो देशों के प्रतिनिधियों के द्वारा संयुक्त स्थल निरीक्षण करा कर समुचित कारवाई करने हेतु भारतीय पक्ष के द्वारा सहमति दी गई।
नेपाल प्रभाग में कराए जाने वाले कार्यों की सूची नियमित रूप से उपलब्ध कराने की मांग नेपाली पक्ष के द्वारा की गई।
इस पर भारतीय पक्ष ने सहमति जताई और इसे ई-मेल के माध्यम से भी उन्हे प्राप्त कराया जाएगा। साथ ही नेपाली पक्ष के मांग के अनुसार उन्हे सेटेलाइट इमेज भी प्राप्त कराने पर भारतीय पक्ष ने सहमति जताई ।
नेपाली पक्ष ने भारतीय पक्ष से अपेक्षा की कि कोशी नदी का प्रवाह मुख्यतः नदी के केन्द्रीय भाग में रखने का प्रयास किया जाते रहना चाहिए। भारतीय पक्ष ने बताया कि बेराज गेट ऑपरेशनल मैनुल के अनुसार नदी की धारा को नदी के केन्द्र में रखने का प्रयास किया जाता है।
साथ ही इस कार्य हेतु इस वर्ष बाढ़ के पूर्व कोशी बराज के अपस्ट्रीम में जमा उथलेपन को ढीला करना एवं डाउनस्ट्रीम में 2.50km लम्बा पायलट चैनल निर्माण का कार्य कराया जा रहा है।
मानसून अवधि के दौरान जल संचालित बाढ़ पूर्वानुमान मॉडल के लिए नेपाल भूभाग के रैनफॉल एवं नदियों का जलश्राव आंकड़ों को साझा करने हेतु चर्चा हुई जिसकी विस्तृत चर्चा शनिवार को निर्धारित दोनो पक्षों की बैठक में होगी।