Logo
Header
img

ठाणे में आबादीनुसार चौथाई पेड़ शेष , आंकड़े सिर्फ 7.22लाख पेड़ों के

मुंबई,15 जून ( हि.स.) । ठाणे शहर में इकोलॉजिकल बैलेंस पर दबाव बढ़ रहा है। 2022 के आधिकारिक वृक्ष गणना के अनुसार, शहर में लगभग 7 लाख 22 हज़ार पेड़ और 271 पेड़ों की किस्में दर्ज की गईं। हालांकि, बढ़ती आबादी को देखते हुए, अभी लगभग 25 से 30 लाख नागरिकों के लिए हर 4 से 5 लोगों पर सिर्फ़ एक पेड़ है।

पिछले चार सालों में, मेट्रो, सड़क चौड़ीकरण, फ्लाईओवर और कंक्रीटिंग जैसे डेवलपमेंट के कामों ने शहर में हरियाली पर दबाव डाला है। यह पाया गया है कि इस दौरान कितने पेड़ काटे गए या दूसरी जगह लगाए गए, इस बारे में अपडेटेड पब्लिक ट्री सेंसस अभी तक उपलब्ध नहीं है।

देखा गया है कि शहर में वड़, पीपल, अंबर, जांभोल, कदंब, बहाव और पलास जैसे देसी पेड़ों की संख्या कम हो रही है। ये पेड़ न सिर्फ खूबसूरत हैं बल्कि पक्षियों, कीड़ों, मधुमक्खियों और पूरी बायोडायवर्सिटी का आधार भी हैं।

इस बीच, बढ़ता तापमान, हीट वेव, अनियमित बारिश, बाढ़, घटता ग्राउंडवाटर लेवल और बढ़ता एयर पॉल्यूशन जैसी समस्याएं और गंभीर होती जा रही है पर्यावरणविदों का मानना है कि हरित क्षेत्र का कम होना इसका एक बड़ा कारण है। इसलिए, यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि ठाणे शहर “अर्बन हीट आइलैंड” इफेक्ट की ओर बढ़ रहा है।

जबकि विशेषज्ञ के मुताबिक, सिर्फ पेड़ लगाना ही नहीं बल्कि मौजूदा पेड़ों की सुरक्षा, बचाव और वैज्ञानिक व्यवस्था भी उतना ही जरूरी है। पुराने पेड़ों के बचाव, ग्रीन बेल्ट की सुरक्षा और इको-फ्रेंडली अर्बन प्लानिंग पर ज्यादा जोर देने की जरूरत है।

कुल मिलाकर, 2022 में 7.22 लाख पेड़ों के रिकॉर्ड और उसके बाद के चार सालों में डेवलपमेंट के दबाव ने ठाणे में ग्रीन बैलेंस पर असर डाला है। इसका हल है अपडेटेड ट्री सेंसस करना, ग्रीन ऑडिट करना और पर्यावरण अनुकूल नीति बनाना है।

ठाणे के वरिष्ठ पत्रकार एवं पर्यावरण विशेषज्ञ डॉ प्रशांत रवीन्द्र सिनकर ने कहा है कि -ठाणे में प्रगति के नाम पर पेड़ों की बिना कंट्रोल के कटाई शहर के पर्यावरण का सिलसिले तरीके से बलि है। आज, हर 4 से 5 लोगों पर सिर्फ़ एक पेड़ बचा है और शहर एक 'अर्बन हीट आइलैंड' की ज्वालामुखी जैसी छाया में है। अब उस एडमिनिस्ट्रेशन पर लगाम लगाने का समय है जो पेड़ काट रहा है और सीमेंट का जंगल बना रहा है। इस गंभीर संकट की ओर ध्यान दिलाने के लिए राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को एक रिप्रेजेंटेशन दिया गया है। सरकार को अब 'पेड़ लगाने का तमाशा' बंद करना चाहिए और 'पेड़ बचाने' की सख्त पॉलिसी लागू करनी चाहिए, नहीं तो ठाणे का भविष्य बर्बाद हो जाएगा।

Top