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किसानों के मुद्दों को लेकर भाकियू ने प्रधानमंत्री को भेजा ज्ञापन


फतेहपुर, 21 जुलाई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में मंगलवार को भाकियू (टिकैत) की ओर से किसानों, कृषि मजदूरों, ग्रामीण भारत से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन कलेक्ट्रेट पहुंच कर जिलाधिकारी निधि गुप्ता वत्स को सौंपा।

इस मौके पर जिलाध्यक्ष नवल पटेल ने किसानों को कहा कि देश की सभी फसलों के लिए स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें एमएसपी की कानूनी गारंटी के साथ लागू किया जाए और सरकारी खरीद कानून बनाया भी जाए। गन्ने का राज्य परामर्श मूल्य देशभर में एन्यूनतम 500 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया जाए तथा सभी लंबित गन्ना भुगतान ब्याज सहित तत्काल कराया जाए।किसानों एवं कृषि मजदूरों के लिए संपूर्ण ऋण माफी योजना लागू की जाए तथा ब्याजमुक्त कृषि ऋण उपलब्ध कराया जाए। कृषि कार्य के लिए निःशुल्क बिजली तथा सभी घरेलू एवं ग्रामीण उपभोक्ताओं को 300 यूनिट निःशुल्क बिजली उपलब्ध कराई जाए। बिजली के निजीकरण की प्रक्रिया वापस ली जाए।

किसानों एवं मजदूरों के हितों के विरुद्ध चारों श्रम संहिताएँ, बीज विधेयक, राष्ट्रीय कृषि विपणन नीति और राष्ट्रीय सहकारिता नीति वापस ली जाए।

इसी तरह मनरेगा के अंतर्गत 200 दिन का रोजगार तथा न्यूनतम 700 रूपये प्रतिदिन मजदूरी दी जाए। डीएपी, यूरिया एवं अन्य उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए तथा सब्सिडी बहाल करते हुए कालाबाजारी पर कठोर कार्रवाई की जाए। बाढ़, सूखा, अतिवृष्टि, भूस्खलन, ओलावृष्टि एवं अन्य प्राकृतिक आपदाओं को राष्ट्रीय आपदा घोषित कर प्रभावित किसानों, बटाईदारों एवं कृषि मजदूरों को समुचित मुआवजा दिया जाए।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की व्यापक समीक्षा कर सार्वजनिक क्षेत्र आधारित पारदर्शी फसल एवं पशुधन बीमा व्यवस्था लागू की जाए। भूमि अधिग्रहण बेदखली एवं बुलडोजर कार्रवाई किसानों एवं ग्रामीण परिवारों के पुनर्वास के बिना न की जाए तथा भूमि अधिग्रहण कानून 2013 का सख्ती से पालन कराया जाए। भारत अमेरिका व्यापार समझौते सहित किसी भी ऐसे मुक्त व्यापार समझौते को स्वीकार न किया आए जिससे भारतीय कृषि, डेयरी, एमएसपी व्यवस्था, सार्वजनिक खरीद एवं ग्रामीण रोजगार प्रभावित होते हों।

डेयरी क्षेत्र में विदेशी दुग्ध उत्पादों के अनियंत्रित आयात पर रोक लगाकर देश के करोडों दुग्ध उत्पादक परिवारों के हितों की रक्षा की जाए। बहुराष्ट्रीय कंपनियों के बीज क्षेत्र में बढ़ते एकाधिकार को रोकते हुए किसानों के पारंपरिक बीज अधिकार एवं बीज स्वायत्तता की रक्षा की जाए। कृषि आधारित उद्योगों, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों एवं ग्रामीण रोजगार के अवसरों का विस्तार कर युवाओं के लिए सम्मानजनक रोजगार सृजित किए जाएं।

इस मौके पर राष्ट्रीय संगठन मंत्री राजेंद्र सिंह, प्रदेश उपाध्यक्ष अशोक उत्तम, देवनारायण पटेल, मुन्ना शेख, दिनेश शुक्ला, सुरेंद्र पटेल, नागेंद्र यादव, गिरजा शंकर मिश्र, विवेक यादव, जितेंद्र पटेल, हीरालाल, अशोक, अजीत उत्तम, भानु यदु नंदन आर्य, रिहाना परवीन, अंजना देवी, सोनिया, अर्जुन लोधी, कामता निषाद, शिवप्रसाद, वीरू, अवनीश, सरोज, रूपा देवी, शिव कांति, कन्हैया लाल, राजेश कुमारी, महेश फौजी, धर्म सिंह चौहान, रामबाबू, पप्पू यादव, रामशंकर पाल सहित सैकड़ों किसान मौजूद रहे।---------

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