लखनऊ, 09 सितंबर (हि.स.)। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने भतीजे आकाश आनंद और उनके ससुर अशोक सिद्धार्थ को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि आकाश आनंद को तभी जिम्मेदारी मिलेगी, जब उनके ससुर राजनीति से संन्यास ले लेंगे।
मायावती ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए बीएसपी का शीर्ष नेतृत्व भूले-भटके हुये लोगों को उनके अचार-व्यवहार आदि को ध्यान में रखकर पार्टी में शामिल कर रहा है। जो लोग इसकी राह में थोड़ा भी रुकावट बन रहे हैं उनके खिलाफ कार्रवाई भी की जा रही है। इसका उदाहरण राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ हैं। उन्होंने दावा किया कि पार्टी ने इनको सुधरने का एक नहीं बल्कि कई बार मौका दिया, लेकिन बसपा के मिशन से अधिक इन्होंने अपने निजी व पारिवारिक स्वार्थ व महत्वकांक्षा आदि को ज्यादा महत्व दिया, जिसका खामियाजा उनके दामाद आकाश आनन्द को भी भुगतना पड़ा है।
बसपा अध्यक्ष ने आगे कहा कि कुल मिलाकर इन्होंने अपने निजी स्वार्थ में आकाश आनन्द और बसपा के मूवमेन्ट की भी कभी सही से परवाह नहीं की है जबकि अशोक सिद्धार्थ को औरों से कहीं अधिक बढ़चढ़ कर त्याग-तपस्या व कुर्बानी की मिसाल पार्टी व सामाज के सामने देनी चाहिये थी, लेकिन ऐसा ना होकर ठीक इसके उलटा ही होता रहा है।
मायावती ने कहा कि बसपा मूवमेन्ट के हित और दामाद आकाश आनन्द के भविष्य को ध्यान में रखकर अशोक सिद्धार्थ के पास अभी भी मौका है कि वे अपनी राजनीतिक महत्वकांक्षा को त्याग कर व निजी स्वार्थ आदि से ऊपर उठकर राजनीति से पूरी तरह से संन्यास ले लें। तब ऐसी स्थिति में आकाश आनन्द का फ्री होकर पार्टी में काम करना संभव होगा। तभी पार्टी उनको उनकी जिम्मेदारियां वापस देने पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी, ताकि वे पार्टी में अपनी सक्रिय भूमिका निभा सकें, ऐसी पार्टी में आम लोगों की राय है।