उन्नाव रेप पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत के मामले में सजा बढ़ाने की मांग पर कुलदीप सेंगर को नोटिस
नई दिल्ली, 19 फ़रवरी (हि.स.)। दिल्ली उच्च न्यायालय ने उन्नाव दुष्कर्म मामले में पीड़िता के पिता की हिरासत में मौत मामले में कुलदीप सिंह सेंगर को ट्रायल कोर्ट से मिली सजा को बढ़ाने की मांग पर सुनवाई करते हुए कुलदीप सेंगर और दूसरे आरोपितों को नोटिस जारी करने का आदेश दिया। जस्टिस नवीन चावला की पीठ ने नोटिस जारी किया।
दरअसल, दुष्कर्म पीड़िता ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर कुलदीप सिंह की सजा को बढ़ाने की मांग की है। कुलदीप सेंगर ने भी ट्रायल कोर्ट की ओर से मिली 10 साल की सजा को उच्च न्यायालय में चुनौती दी है। इस मामले में 16 दिसंबर, 2019 को तीस हजारी कोर्ट ने दुष्कर्म पीड़िता के पिता की हिरासत में हत्या के मामले में कुलदीप सिंह सेंगर को 10 साल की कैद की सजा सुनाई थी। तीस हजारी कोर्ट ने सेंगर पर 10 लाख का जुर्माना भी लगाया था। तीस हजारी कोर्ट ने सेंगर समेत सभी सातों आरोपितों को 10-10साल कैद और 10-10लाख के जुर्माने की सजा सुनाई थी।
दुष्कर्म पीड़िता के पिता की न्यायिक हिरासत में 9 अप्रैल, 2018 को मौत हो गई थी। पीड़िता ने 4 जून 2017 को जब कुलदीप सेंगर पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था उसके बाद कुलदीप सिंह सेंगर के भाई अतुल सिंह और उसके साथियों ने पीड़िता के पिता को बुरी तरह पीटने के बाद पुलिस को सौंप दिया था। दुष्कर्म पीड़िता के पिता को जेल में शिफ्ट करने के कुछ ही घंटों बाद जिला अस्पताल में लड़की के पिता की मौत हो गई थी।
20 दिसंबर, 2019 को पीड़िता से दुष्कर्म के मामले में तीस हजारी कोर्ट ने सेंगर को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। कोर्ट ने उम्रकैद के अलावा 25 लाख का जुर्माना लगाया था। जुर्माने की इस रकम में से 10 लाख पीड़िता को देने का आदेश दिया था। तीस हजारी कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ भी कुलदीप सिंह सेंगर ने दिल्ली उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है।