बर्लिन, 20 जून (हि.स.)। जर्मनी की प्रमुख विपक्षी पार्टी द लेफ्ट (डी लिंके) ने पहली बार आधिकारिक तौर पर गाज़ापट्टी में इज़राइल की सैन्य कार्रवाई को "नरसंहार" करार दिया है। यह फैसला शनिवार को जर्मनी के पूर्वी शहर पॉट्सडैम में आयोजित पार्टी के राष्ट्रीय सम्मेलन में भारी बहुमत से पारित एक प्रस्ताव के माध्यम से लिया गया।
तुर्किये की सरकारी संवाद समिति अनाडाेलू
ने जर्मन समाचार एजेंसी डीपीए के हवाले से बताया कि प्रस्ताव में कहा गया है, "अंतरराष्ट्रीय संगठन, मानवाधिकार संगठन और अंतरराष्ट्रीय कानून के कई विशेषज्ञ गाज़ा में फ़िलिस्तीनियों के खिलाफ नरसंहार की बात करते हैं। हम इस बात से सहमत हैं।"
पार्टी ने अपने प्रस्ताव में इज़राइल और फ़िलिस्तीन दोनों के अस्तित्व के अधिकार का समर्थन भी दोहराया। प्रस्ताव में कहा गया कि यहूदियों के लिए सुरक्षित ठिकाने के रूप में इज़राइल का ऐतिहासिक और वर्तमान महत्व है, वहीं फ़िलिस्तीन के अस्तित्व तथा वहां रहने वाले सभी लोगों के समान अधिकारों का भी समर्थन किया जाना चाहिए।
गौरतलब है कि
इज़राइल ने अक्टूबर 2023 में गाज़ा में अपना अभियान शुरू किया था। फ़िलिस्तीनी आंकड़ों के अनुसार इस हमले में 73,000 से ज़्यादा फ़िलिस्तीनी मारे गए हैं और 173,000 से ज़्यादा घायल हुए हैं- जिनमें ज़्यादातर महिलाएं और बच्चे हैं- साथ ही इस इलाके के ज़्यादातर नागरिक बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। हालांकि 10 अक्टूबर 2025 से युद्धविराम लागू है, लेकिन इज़राइली हमले और प्रतिबंध जारी हैं, जिसके कारण युद्धविराम लागू होने के बाद से 1,000 से ज़्यादा और फ़िलिस्तीनी मारे गए हैं।
लेफ्ट पार्टी का यह रुख जर्मन राजनीति में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है, क्योंकि जर्मनी की मुख्यधारा की अधिकांश पार्टियां अब तक इजराइल के प्रति अपेक्षाकृत समर्थक रुख अपनाती रही हैं। ऐसे में विपक्षी दल द्वारा गाजा की स्थिति को "नरसंहार" बताना राजनीतिक और कूटनीतिक बहस को और तेज कर सकता है।