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गाजियाबाद में मोरों का सामूहिक संहार, जांच में जुटी पुलिस और वन विभाग

गाजियाबाद, 23 फ़रवरी (हि.स.)। जनपद गाजियाबाद के थाना ट्रॉनिका सिटी क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव पचायरा में सोमवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब ग्रामीणों ने जंगल और खेतों में भारी संख्या में राष्ट्रीय पक्षी मोर के शव पड़े देखे। एक साथ 10 से ज्यादा मोरों की मौत की खबर फैलते ही इलाके में सनसनी फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन और वन विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार को जब पचायरा गांव के ग्रामीण अपने खेतों की ओर गए, तो उन्होंने वहां अलग-अलग स्थानों पर मोरों को मृत अवस्था में पाया। कुछ मोर झाड़ियों में तो कुछ खुले खेतों में बेजान पड़े थे। ग्रामीणों ने तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित किया, जिसके बाद ट्रॉनिका सिटी थाना पुलिस और वन विभाग के अधिकारी दलबल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। प्रारंभिक जांच में मोरों की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में मानी जा रही है।

ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि शिकारियों ने मोरों को जहरीला पदार्थ खिलाकर उनकी हत्या की है। वहीं कुछ लोगों का मानना है कि हाल ही में फसलों को कीटों से बचाने के लिए खेतों में जहरीले कीटनाशक का छिड़काव किया गया था। संभावना है कि मोरों ने कीटनाशक युक्त दाने चुग लिए या फिर जहरीला पानी पी लिया, जिसके कारण उनकी जान चली गई। हालांकि, कुछ ग्रामीण इसे शिकार की साजिश से भी जोड़कर देख रहे हैं। वन विभाग के अधिकारियों ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं ताकि मौत के सही कारणों का पता लगाया जा सके।

पुलिस उपायुक्त सुरेंद्रनाथ तिवारी ने बताया कि पुलिस और वन विभाग की टीम ने मृत मोरों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। उनका कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि मोरों की मौत कीटनाशक की वजह से हुई है या इसके पीछे कोई और वजह है। राष्ट्रीय पक्षी की इस तरह सामूहिक मौत से पर्यावरण प्रेमियों में गहरा रोष है। वन विभाग ने कहा है कि यदि यह किसी की लापरवाही या साजिश पाई गई, तो संबंधित दोषियों के खिलाफ वन्य जीव संरक्षण अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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