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साम्राज्यवादी युद्ध विरोधी दिवस पर मजदूर संगठन हुए एकजुट

भागलपुर, 10 मार्च (हि.स.)। विश्व शांति के लिए मजदूर संगठनों ने देश भर में साम्राज्यवादी युद्ध विरोधी दिवस मनाया। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के देशव्यापी आह्वान पर मंगलवार को स्थानीय कचहरी परिसर में मजदूर संगठनों के नेतृत्वकारियों ने एकजुट होकर ईरान पर अमेरिका और इजराइल के सैन्य आक्रमण की कड़ी निंदा की। एक्टू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एसके शर्मा, राज्य सह जिला सचिव मुकेश मुक्त, सेवा की राज्य महासचिव माधुरी सिन्हा, एटक के जिला महासचिव डॉ. सुधीर शर्मा, सीटू के जिला सचिव दशरथ प्रसाद, इंटक के जिला अध्यक्ष रवि कुमार और एआईयूटीयूसी के संयोजक दीपक कुमार ने ईरान के सर्वोच्च नेता आयातुल्लाह खामेनेई सहित कई नेताओं की हत्या पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि दी।

नेतृत्वकरियों ने कहा कि साम्राज्यवाद विश्व पूंजीवादी व्यवस्था के गहरे और संरचनात्मक संकट से बाहर निकलने के प्रयास में अंतरराष्ट्रीय मानदंडों की अवहेलना करते हुए दुनिया भर में युद्ध, सशस्त्र संघर्ष और प्रतिबंध थोप रहा है। युद्ध और सैन्यीकरण को सैन्य औद्योगिक तंत्र को बढ़ावा देने और प्राकृतिक संसाधनों पर नियंत्रण कायम करने के साधन के रुप में इस्तेमाल किया जा रहा है। ईरान में किसी भी प्रकार की अस्थिरता सीधे वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा को खतरे में डालती है, जिसके प्रभाव पहले ही महसूस किए जा रहे हैं।

नेतृत्वकारियों ने कहा कि एकतरफा और अविवेकपूर्ण टैरिफ युद्ध के बाद अब ईरान पर एकतरफा बमबारी ने पूरे पश्चिम एशिया को युद्ध की स्थिति में धकेल दिया है और पूरी दुनिया को आर्थिक उथल – पुथल में डाल दिया है। नागरिक ढांचों, अस्पतालों, शिक्षण संस्थाओं और शहरी क्षेत्रों को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून, विशेषकर जिनेवा कन्वेंशनों का उल्लंघन है। दक्षिण ईरान के मिनाब में एक लड़कियों के स्कूल पर लक्षित बमबारी में 165 से अधिक बच्चियों की मौत, इस क्रूरता और बर्बरता की पराकाष्ठा को दर्शाती है। दूसरी ओर ओर ईरान द्वारा सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर की जा रही जवाबी कार्रवाई से भी क्षेत्र में विनाश और नागरिकों की मौत हो रही है। केन्द्रीय ट्रेड यूनियनें ईरान और विश्व के अन्य हिस्सों में चल रहे युद्ध को तुरंत बंद करने और सभी देशों के संप्रभुता की रक्षा की मांग करता है।

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