काठमांडू, 07 मई (हि.स.)। नेपाल के नए प्रधान न्यायाधीश पद के लिए जस्टिस मनोज शर्मा के नाम की सिफारिश की गई है। गुरुवार को हुई न्याय परिषद की बैठक ने प्रस्तावित प्रधान न्यायाधीश के रूप में उनका नाम आगे बढ़ाया। जस्टिस शर्मा वर्तमान में सर्वोच्च अदालत के न्यायाधीश हैं। मंजूरी मिलने पर वे पूरा छह वर्ष का कार्यकाल प्रधान न्यायाधीश के रूप में पूरा कर सकेंगे।
नेपाल के न्यायिक इतिहास में यह पहली बार है, जब वरिष्ठतम न्यायाधीश को छोड़कर वरियताक्रम में चौथे स्थान पर मौजूद किसी न्यायाधीश को प्रधान न्यायाधीश पद के लिए सिफारिश किया गया है। यदि संसदीय सुनवाई समिति उनके नाम को अनुमोदित कर देती है, तो वे नेपाल के 33वें प्रधान न्यायाधीश बनेंगे।
संवैधानिक परिषद ने कार्यवाहक प्रधान न्यायाधीश सपना प्रधान मल्ल, वरिष्ठ न्यायाधीश कुमार रेगमी और हरि फुयाल को पीछे छोड़ते हुए वरियताक्रम में चौथे स्थान पर रहे शर्मा का नाम प्रधान न्यायाधीश पद के लिए प्रस्तावित किया है। इस निर्णय को नेपाल की न्यायपालिका में एक असाधारण और ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है, क्योंकि परंपरागत रूप से प्रधान न्यायाधीश की नियुक्ति वरिष्ठता के आधार पर की जाती रही है।