हरियाणा के महिला एवं बाल विकास विभाग, राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमिता और प्रबंधन संस्थान (निफ्टेम) कुंडली, सोनीपत के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुए। इस मौके पर हरियाणा के महिला एवं बाल विकास विभाग की आयुक्त एवं सचिव अमनीत पी.कुमार की उपस्थित थे।
आयुक्त एवं सचिव अमनीत पी.कुमार ने बताया कि इस समझौते के तहत राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी उद्यमिता और प्रबंधन संस्थान (निफ्टेम) कुंडली राज्य के महिला एवं बाल विकास विभाग को जिला पंचकूला के गांव पपलोहा और जिला कैथल के कलायत में पंजीरी प्लांट को स्थापित करने में विशेष सहायता दी जाएगी। उन्होंने कहा कि अगले एक वर्ष के भीतर इन दोनों प्लांट्स में कार्य शुरू किया जाएगा।
सचिव कुमार ने कहा कि निफ्टेम के सहयोग से पंजीरी प्लांट को स्थापित से महिला एवं बाल विकास विभाग ने पोषण सम्बंधित प्रयासों की प्रभावशीलता को बढ़ाने में सहायता होगी। उन्होंने कहा कि पूरक पोषण कार्यक्रम, आईसीडीएस के अंतर्गत एक प्रमुख सेवा है, जिसे महिलाओं और बच्चों की पोषण स्थिति को बढ़ाने के लिए संचालित किया गया है। विभाग ने लाभार्थियों को केन्द्र सरकार के वित्तीय मानदंडों के अनुसार पूरक पोषण प्रदान किया जाता है, जिसमें विभिन्न पौष्टिक व्यंजन व पंजीरी शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि विभाग 6 से 18 माह तक के बच्चे, जिसमें कुपोषित बच्चे भी शामिल है उन्हें फोर्टिफाइड पंजीरी भी उपलब्ध करा रहा है। लाभार्थियों को स्वच्छ एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के लिए नए पंजीरी प्लांट का निर्माण आवश्यक है। यह साझेदारी हरियाणा में महिलाओं और बच्चों की पोषण स्थिति में सुधार लाने में काफी मददगार साबित होगी।
समझौता ज्ञापन पर महिला एवं बाल विकास विभाग की निदेशक मोनिका मलिक और निफ्टेम की ओर से रजिस्ट्रार ने हस्ताक्षर किए गए। महिला एवं बाल विकास विभाग आने वाले समय में सिर्फ पंजीरी प्लांट तक ही नहीं बल्कि भविष्य में कुपोषण को दूर करने के प्रति सरकार के प्रयासों को और मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि इससे पहले प्रदेश में दो पंजीरी प्लांट गुरुग्राम व घरोंडा में संचालित है।
निफ्टेम के फूड साइंस एंड टेक्नोलॉजी की विभागाध्यक्ष डॉ. कोमल चौहान ने कहा कि निफ्टेम महिला एवं बाल विकास विभाग को नए पंजीरी प्लांट को सुदृढ़ तरीके से जल्दी ही शुरू करने के लिण् उच्च तकनीकी सहायता प्रदान करेगा। इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग से संयुक्त निदेशक (आईसीडीएस), कार्यक्रम अधिकारी (पोषण), विभिन्न जिला कार्यक्रम अधिकारी, बाल विकास विभाग अधिकारी एवम अन्य उपस्थित रहे।