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रामगंगा व गागन नदी उफान पर, रामगंगा खतरे के निशान से 15 सेंटीमीटर दूर

मुरादाबाद, 11 सितम्बर (हि.स.)। उत्तराखंड के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में बारिश होने और खो बैराज से पानी छोड़े जाने से एक बार फिर रामगंगा व गागन नदी उफान पर है। रामगंगा खतरे के निशान से 15 सेंटीमीटर दूर है। मंगलवार देर रात प्रशासन ने बाढ़ चौकियों को अलर्ट कर दिया है। मुरादाबाद के महानगर के कई मुहल्लों सूरजनगर, भोलानाथ कॉलोनी, जिगर कॉलोनी, लालबाग, जामा मस्जिद क्षेत्र में नदी किनारे के इलाके में घरों तक पिछले दिनों हुई बारिश का पानी भरा है। वहीं मंगलवार को नदी का जलस्तर बढ़ने पर इसके पानी से लोगों का घर से निकलना मुश्किल है। ताजपुर माफी में भी पानी घरों के किनारे तक है। बाढ़ की त्रासदी और बरसात में जलभराव नदी किनारे बसे महानगर की कॉलोनियों और गांवों के लोगों की नियति बन गई है। महानगर में रामगंगा किनारे के मुहल्ले सूरजनगर, भोलानाथ कॉलोनी, बंगला गांव, जिगर कालोनी, लालबाग, जामा मस्जिद, वारसी नगर और नवाबपुर के लोगों के मकानों की दीवारों के किनारे पानी है। लो लैंड वाले इलाके में बनी इन कॉलोनियों में शनिवार और रविवार को हुई मूसलाधार बारिश का पानी भरा था। इसकी निकासी हुई नहीं कि रामगंगा नदी का जलस्तर बढ़ने से इसका पानी आकर भर गया। मूंढापांडे के गांवों में पहुंचा कोसी का पानी : मुरादाबाद के मूंढापांडे क्षेत्र में कोसी नदी उफान पर है। कई गांवों में पानी पहुंच गया। नदी किनारे के गांव गदीखेड़ा, बुढ़ानपुर एहतमाली, मुगलपुर, भटवाली एहतमाली, कोहनकू में नदी कटान कर रही है। इसके अलावा दौलतपुर, अजमतपुर, रनियाठेर, जगरामपुरा, अहरौला भी बाढ़ की चपेट में है। खेतों में फसल जलमग्न हो गई है।
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