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मिथलेश हनिया ने भोजपुरी फिल्म बाजीगर बलमा में अभिनय कर जिले का नाम रोशन किया


 शहर के हकपाड़ा वार्ड नं 14 निवासी योगेन्द्र रजक के पुत्र मिथलेश कुमार हनिया ने भोजपुरी फिल्म बाजीगर बलमा में अभिनय कर जिले का नाम रोशन किया है।

फिल्म बाजीगर बलमा फिल्म के निर्माता सतीश कुमार साह पटकथा संवाद व निर्देशक अरुण कुमार है तथा इस फिल्म में मुख्य भूमिका हीरो बीरेंद्र कुमार,हिरोइन खुशबू यादव , आलोक कुमार,अंकिता पांडेय,प्रकाश कुमार, सुमन सिन्हा,मिथलेश हनिया,जोशी,टकला अरुण आदि कलाकार है। माता आशा देवी,पिता योगेन्द्र रजक के पांच संतान में मिथलेश हनिया कास्टिंग डायरेक्टर एंड प्रोडक्शन मैनेजर हैं।मिथलेश हनिया एक गरीब परिवार का लड़का अपनी मेहनत की बदौलत विलेन और एक्टर बना।

एक्टर मिथलेश हनिया ने मीडिया से बातचीत में बताया कि कड़ी मेहनत से हम कोई भी लक्ष्य हासिल कर सकते हैं अगर हम ईमानदारी से अपना काम करते रहें।उन्होने बताया कि कला के क्षेत्र में रुचि रखते थे लेकिन इस काम के लिए न तो ऐसी कोई संस्था थी और न ही आसपास के क्षेत्र में कोई विशेष व्यक्ति था इसलिए उन्होंने बीए ग्रेजुएट के बाद मुंबई जाने का फैसला किया।

हालांकि परिवार के सभी सदस्य उनके फैसले से सहमत नहीं थे। लेकिन उनकी मां आशा देवी ने उनका समर्थन किया। मिथलेश हनिया ने कहा कि उनका मुंबई का सफर आसान नहीं था। वह बहुत ऑडिशन देते थे, लेकिन उन्हें रिजेक्ट कर दिया गया था। अब उनके पास मुंबई में रहने के लिए पर्याप्त पैसा नहीं था। फिर कुछ समय बाद लगातार अभिनय और ऑडिशन का अभ्यास किया। जैसे-जैसे उनका अभिनय बेहतर होता गया। उन्हें काम मिलना शुरू हुआ।लेकिन साल 2020 से 2022 तक करोना वायरस के कारण उन्हें काफी दिक्कत झेलना पड़ गया। उनके गांव के लोग दोस्त सब उनके सपोर्ट की जगह उन्हें गलत तरीके से आगे नही जाने देते बल्कि उन्हें ताना मारा करते थे।

मिथलेश हनिया कई दिनों के बाद उनकी एक जोश आईडी पर वीडियो वायरल हुई है।जिसके दर्शकों ने ढेरों सारा प्यार दिया है।इस इंडस्ट्री में काफी सारा नाम कमाए।अभी हाल ही में उनसे जानकारी मिली है कि वह एक नए प्रोजेक्ट पर काम करने वाले हैं।जिससे कि वह बहुत सारी चीजों को दर्शायेगे। उन्होंने बताया कि उनका करियर स्टार्ट 2014 में हुआ था। पहले वह नॉर्मल वीडियोस बनाते थे।उसके बाद भोजपुरी फिल्म डायरेक्टर उन्हें ऑफर दिया। उसके बाद छोटा रोल दिया। जिससे उसकी उतनी दिल लाइक काम पसंद नही हुआ। फिर भी काफी कठिन मेहनत करने के बाद काफी कुछ सीखने का मौका मिला।आज वो जो भी है अपने बदौलत खड़ा हूं। अपने काम को लेकर इनका सारा श्रेय अपनी मां, पापा और भाई बहन को देते हैं।

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